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अनादि काल में रेखांकित शब्द का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत या आदि न हो। | यह शब्द मूल शब्द के शुरू में कुछ जोड़ने से बना है। इसे उपसर्ग कहते हैं।इन उपसर्गों को अलग करके मूल शब्दों को लिखकर उनका अर्थ समझो - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

अनादि काल में रेखांकित शब्द का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत या आदि न हो। | यह शब्द मूल शब्द के शुरू में कुछ जोड़ने से बना है। इसे उपसर्ग कहते हैं। इन उपसर्गों को अलग करके मूल शब्दों को लिखकर उनका अर्थ समझो
असफल ______ अदृश्य ______
अनुचित ______ अनावश्यक ______
अपरिचित ______ अनिच्छा ______

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

शब्द उपसर्ग मूल शब्द अर्थ
असफल सफल जिसे सफलता न मिली हो
अनुचित अन् उचित जो ठीक (उचित) न हो
अपरिचित परिचित जिसे हम जानते-पहचानते न हों
अदृश्य दृश्य जो दिखाई न दे
अनावश्यक अन् आवश्यक जो जरूरी न हो।
अनिच्छा अन् इच्छा बिना रुचि के
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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: अक्षरों का महत्व - भाषा की बात [पृष्ठ ३२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 5 अक्षरों का महत्व
भाषा की बात | Q 1 | पृष्ठ ३२

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राम कथा से तुम्हें क्या शिक्षा मिलती है?


'तुम्हें बताऊँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है।' − इस बात के लिए लेखिका क्या-क्या उदाहरण देती हैं?


चार दिन, कुछ व्यक्ति, एक लीटर दूध आदि शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दो तो पता चलेगा कि इसमें चार, कुछ और एक लीटर शब्द से संख्या या परिमाण का आभास होता है, क्योंकि ये संख्यावाचक विशेषण हैं। इसमें भी चार दिन से निश्चित संख्या का बोध होता है, इसलिए इसको निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं और कुछ व्यक्ति से अनिश्चित संख्या का बोध होने से इसे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसी प्रकार एक लीटर दूध से परिमाण का बोध होता है इसलिए इसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।

अब तुम नीचे लिखे वाक्यों को पढ़ो और उनके सामने विशेषण के भेदों को लिखो-
(क) मुझे दो दर्जन केले चाहिए।
(ख) दो किलो अनाज दे दो।
(ग) कुछ बच्चे आ रहे हैं।
(घ) सभी लोग हँस रहे थे।
(ङ) तुम्हारा नाम बहुत सुंदर है।


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(क) केशव ने झुँझलाकर कहा
(ख) केशव रोनी सूरत बनाकर बोला
(ग) केशव घबराकर उठा
(घ) केशव ने टोकरी को एक टहनी से टिकाकर कहा.
(ङ) श्यामा ने गिड़गिड़ाकर कहा.
ऊपर लिखे वाक्यों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखो ये शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण का काम कर रहे हैं क्योंकि ये बताते हैं कि कहने, बोलने और उठने की क्रिया कैसे हुई। 'कर' वाले शब्दों के क्रियाविशेषण होने की एक पहचान यह भी है कि ये अकसर क्रिया से ठीक पहले आते हैं। अब तुम भी इन पाँच क्रियाविशेषणों का वाक्यों में प्रयोग करो।


आदमी ने गाँवों में रहना कब से शुरू किया?


छोटू ने चारों तरफ़ नज़र दौड़ाई
छोटू ने चारों तरफ़ देखा

  • उपर्युक्त वाक्यों में समानता होते हुए भी अंतर है। मुहावरे वाक्यों को विशिष्ट अर्थ देते हैं। ऐसा ही मुहावरा पहली पंक्ति में दिखाई देता है। नीचे दिए गए वाक्यांशों में नज़र के साथ अलग-अलग क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, जिनसे मुहावरे बने हैं। इनके प्रयोग से वाक्य बनाओ
नज़र पड़ना नज़र रखना
नज़र आना नज़रें नीची होना

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ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो

अवधि

-

अवधी

ओर

-

और

में

-

मैं

दिन

-

दीन

मेल

-

मैल

सिल

-

सील


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 तुरही भारत के कई प्रांतों में प्रचलित है। यह दिखने ______ अंग्रेजी के एस या सी अक्षर ______ तरह होती है। भारत _______ विभिन्न प्रांतों में पीतल या कॉसे ________ बना यह वाद्य अलग-अलग नामों ________ जाना जाता है। धातु की नली ______ घुमाकर एस ________आकार इस तरह दिया जाता है कि उसका एक सिरा संकरा रहे और दूसरा सिरा घंटीनुमा चौड़ा रहे। फेंक मारने ______ एक छोटी नली अलग ________  जोड़ी जाती है। राजस्थान ______ इसे बर्गे कहते हैं। उत्तर प्रदेश ______ यह तूरी, मध्य प्रदेश और गुजरात _______ रणसिंघा और हिमाचल प्रदेश _______ नरसिंघा _______ नाम से जानी जाती है। राजस्थान और गुजरात में इसे काकड़सिंधी भी कहते हैं।


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