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'और सरसों की न पूछो' - इस उक्ति में बात को कहने का एक खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं? - Hindi Course - A

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प्रश्न

'और सरसों की न पूछो' - इस उक्ति में बात को कहने का एक खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं?

टीपा लिहा

उत्तर

एक वस्तु की बात करते हुए दूसरे वस्तु के बारे में बताने के लिए हम इस शैली का प्रयोग करते हैं। इस प्रकार की शैली का प्रयोग वस्तु की विशेषताओं पर ध्यान केन्द्रित करने तथा बात में रोचकता बनाए रखने के लिए किया जाता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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पाठ 14: चंद्र गहना से लौटती बेर - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १२३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 14 चंद्र गहना से लौटती बेर
प्रश्न अभ्यास | Q 9 | पृष्ठ १२३

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