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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

अवतल दर्पण, समतल दर्पण, उत्तल दर्पण और लैंस इन सामग्रियों का उपयोग करके कौन-कौन-सी पद्धतियों की दूरबीनें बनाना संभव है? उसकी रेखाकृति बनाइए। - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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प्रश्न

अवतल दर्पण, समतल दर्पण, उत्तल दर्पण और लैंस इन सामग्रियों का उपयोग करके कौन-कौन-सी पद्धतियों की दूरबीनें बनाना संभव है? उसकी रेखाकृति बनाइए।

थोडक्यात उत्तर
आकृती

उत्तर

अवतल दर्पण, समतल दर्पण, उत्तल दर्पण और लैंस इन दी गई सामग्रियों का उपयोग करके परावर्तक पद्धति की दूरबीन बनाई जा सकती हैं। परावर्तक पद्धति के अंतर्गत आने वाली दो प्रकार की दूरबीनें भी बनाई जा सकती है। इन दूरबीनों के नाम इस प्रकार है:

  1. न्यूटन पद्धति की दूरबीन: न्युटन पद्धति की दूरबीन में अंतरिक्ष से आने वाली प्रकाश किरणें अवतल दर्पण से परावर्तित होती हैं। इन परावर्तित किरणों के दर्पण के नाभि के पास अभिसरित होने के पहले एक समतल दर्पण उनका मार्ग परिवर्तित करता है। इस कारण ये किरणें दूरबीन के बेलन की लंब दिशा में एक बिंदु पर एकत्र आती हैं। वहाँ स्थित ‘नेत्रिका’ नामक विशेष लैंस द्वारा हम वस्तु का अभिवर्धित प्रतिबिंब देख सकते हैं।

                      न्यूटन पद्धति की दूरबीन
  2. कैसेग्रेन पद्धति की दूरबीन: कैसेग्रेन पद्धति में भी अवतल दर्पण का ही उपयोग किया जाता है परंतु यहाँ अवतल दर्पण से परावर्तित होने वाली किरणें एक उत्तल दर्पण द्वारा पुन: अवतल दर्पण की ओर परावर्तित होती हैं और अवतल दर्पण के केंद्र के पास स्थित छिद्र द्वारा दूसरी ओर जाकर नेत्रिका पर आती हैं। नेत्रिका की सहायता से हम स्रोत का अभिवर्धित प्रतिबिंब देख सकते है।

                      कैसेग्रेन पद्धति की दूरबीन
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दूरदर्शी (दूरबीनें)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 18: अंतरिक्ष अवलोकन : दूरबीनें (दूरदर्शी) - स्वाध्याय [पृष्ठ २१४]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
पाठ 18 अंतरिक्ष अवलोकन : दूरबीनें (दूरदर्शी)
स्वाध्याय | Q 4. | पृष्ठ २१४
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