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प्रश्न
बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे। फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?
उत्तर
चीता स्वयं अपने प्राणों को संकट में जानकर घबरा गया। वह अपना सारा चीतापन भूल गया था। भय के कारण वह बलदेव को नुकसान नहीं पहुँचा पाया।
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