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प्रश्न
बेन्जीन में तीन द्वि-आबंध होते हैं, फिर भी यह अत्यधिक स्थायी है, क्यों?
उत्तर
बेन्जीन का अति स्थायित्व अनुनाद या π-इलेक्ट्रॉनों के विस्थानीकरण के कारण होता है। बेन्जीन में सभी 6π-इलेक्ट्रॉन (तीन आबंधों के) विस्थानीकृत (delocalised) होते हैं तथा अणु को स्थायित्व प्रदान करते हैं।
बेन्जीन में 6π-इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण
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