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भारत और चीन के बीच विवाद के मामलों की पहचान करें और बताएँ की वृहत्तर सहयोग के लिए उन्हें कैसे निपटाया जा सकता है। अपने सुझाव भी दीजिए। - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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प्रश्न

भारत और चीन के बीच विवाद के मामलों की पहचान करें और बताएँ की वृहत्तर सहयोग के लिए उन्हें कैसे निपटाया जा सकता है। अपने सुझाव भी दीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

भारत - चीन विवाद के क्षेत्र: भारत और चीन के बीच समय - समय पर मतभेद के कई क्षेत्र रहे हैं, जो इस प्रकार हैं -

  1. सन 1950 - 51 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के समय तिब्बत के राजनैतिक तथा आर्थिक नेताओं ने भारत में शरण ली। वे अभी भी भारत में रह रहे हैं इससे दोनों में तनाव बना हुआ है।
  2. दोनों देशों के बीच मैकमोहन रेखा जो दोनों के बीच की सीमा - रेखा है, पर विवाद है। चीन ने इस सीमा - रेखा को मानने से इंकार कर दिया हैं।
  3. पाकिस्तान ने 1965 तथा 1971 में भारत पर जब आक्रमण किए, जो चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया, उसकी सहायता की तथा उसे हथियार भी दिए। इससे भी भारत - चीन संबंधों में काफी तनाव पैदा हुआ (याद रहे अब भी चीन भारत के कुछ पड़ोसी देशों को जिसमें पाकिस्तान के साथ म्यांमार भी शामिल है खतरनाक हथियारों के निर्माण में मदद दे रहा है।) सन 1975 में दोनों देशों के बीच राजदूत स्तर पर कूटनीतिज्ञ संबंध फिर से स्थापित किऐ गए। सन 1988 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी चीन के दौरे पर गए। सन 1991 में चीन के प्रधनमंत्री ली पेंग भारत की यात्रा पर आए। सन 1996 में चीन के राष्टपति ने भारत की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान भारत तथा चीन के बीच चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए परन्तु भारत द्वारा मई, 1998 में किए गए परमाणु परिक्षणों के पश्चात दोनों देशों के बीच व्यापार वृद्धि तथा सीमा विवाद को हल करने के बारे में सहमति हुई परन्तु सीमा - विवाद अभी तक हल न हो पाने के कारण दोनों देशों के संबंध मित्रतापूर्ण नहीं कहे जा सकते।
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चीन के साथ भारत के संबंध
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पाठ 4: सत्ता के वैकल्पिक केंद्र - प्रश्नावली [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 12
पाठ 4 सत्ता के वैकल्पिक केंद्र
प्रश्नावली | Q 14. | पृष्ठ ६४
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