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भारत के 15 प्रमुख राज्यों में मानव विकास के स्तरों में किन कारकों ने स्थानिक भिन्नता उत्पन्न की है? - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

भारत के 15 प्रमुख राज्यों में मानव विकास के स्तरों में किन कारकों ने स्थानिक भिन्नता उत्पन्न की है?

दीर्घउत्तर

उत्तर

भारत के 15 प्रमुख राज्यों में मानव विकास के स्तरों में स्थानिक भिन्नता देखने को मिलती है। इन परिस्थितियों के लिए अनेक सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और ऐतिहासिक कारण उत्तरदायी हैं। केरल के मानव विकास सूचकांक का उच्चतम मूल्य, साक्षरता दर, शत-प्रतिशत के आसपास (90.92 प्रतिशत) प्राप्त करने के लिए किए गए प्रभावी कार्यशीलता के कारण है।
इसके विपरीत बिहार, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, असम और उत्तर प्रदेश जैसे निम्न साक्षरता वाले राज्य हैं। ध्यान रहे उच्चतर साक्षरता दर दर्शाने वाले राज्यों में पुरुष और स्त्री साक्षरता दर के बीच कम अंतर पाया गया है। शैक्षिक उपलब्धियों के अतिरिक्त आर्थिक विकास भी मानव विकास सूचकांक पर सार्थक प्रभाव डालता है। आर्थिक दृष्टि से विकसित राज्यों के मानव विकास सूचकांक का मूल्य अन्य राज्यों की तुलना में ऊँचा है। उपनिवेश काल में विकसित प्रादेशिक विकृतियाँ और सामाजिक विषमताएँ अब भी भारत की अर्थव्यवस्था, राजतंत्र व समाज में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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जनसंख्या, पर्यावरण और विकास
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पाठ 3: मानव विकास - अभ्यास [पृष्ठ ३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Geography - India: People and Economy [Hindi] Class 12
पाठ 3 मानव विकास
अभ्यास | Q 3. (ii) | पृष्ठ ३१
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