मराठी

भारतीय संविधान के बारे में निम्नलिखित निष्कर्ष की पुष्टि में दो उदाहरण दें | संविधान ने शक्तियों का बँटवारा इस तरह किया कि इसमें उलट-फेर मुश्किल है। - Political Science (राजनीति विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भारतीय संविधान के बारे में निम्नलिखित निष्कर्ष की पुष्टि में दो उदाहरण दें |

संविधान ने शक्तियों का बँटवारा इस तरह किया कि इसमें उलट-फेर मुश्किल है।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

संविधान सभा ने संविधान की रचना करते समय विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों पर बँटवारा इस प्रकार किया ताकि सरकार के तीनों अंग अपना-अपना कार्य सुचारु रूप से कर सकें। तीनों अंगों के बीच शक्तियों के वितरण की व्यवस्था करते समय संविधान निर्माताओं ने ‘नियंत्रण एवं सन्तुलन’ के सिद्धान्त को अपनी कार्यविधि का आधार बनाया है। तीनों में से कोई भी अंग एक-दूसरे के कार्य में किसी प्रकार का अनुचित हस्तक्षेप नहीं कर सकता। कार्यपालिका की सम्पूर्ण कार्यप्रणाली पर संसद का नियन्त्रण रहता है। न्यायिक पुनरावलोकन की प्रक्रिया से संसद एवं मन्त्रिमण्डल के कार्यों पर टीका-टिप्पणी की जा सकती है। संविधान-निर्माताओं ने ऐसा प्रावधान किया है कि कोई भी अंग अपने स्वार्थ के लिए संविधान को नष्ट नहीं कर सकता।

shaalaa.com
हमें संविधान की क्या आवश्यकता है?
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संविधान - क्यों और कैसे? - प्रश्नावली [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 11
पाठ 1 संविधान - क्यों और कैसे?
प्रश्नावली | Q 5. (ख) | पृष्ठ २४

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित में कौन-सा कथन इस बात की एक बेहतर दलील है कि संविधान की प्रमाणिकता संसद से ज़्यादा है?


बतायें कि संविधान के बारे में निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत?

सरकार के गठन और उसकी शक्तियों के बारे में संविधान एक लिखित दस्तावेज़ है |


बतायें कि संविधान के बारे में निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत?

संविधान सिर्फ लोकतांत्रिक देशों में होता है और उसकी ज़रूरत ऐसे ही देशों में होती है |


बतायें कि संविधान के बारे में निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत?

संविधान एक कानूनी दस्तावेज़ है और आदर्शों तथा मूल्यों से इसका कोई सरोकार नहीं |


बतायें कि संविधान के बारे में निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत?

संविधान एक नागरिक को नई पहचान देता है |


किसी देश के लिए संविधान में शक्तियों और जिम्मेदारियों का साफ-साफ निर्धारण क्यों जरूरी है? इस तरह का निर्धारण न हो, तो क्या होगा?


शासकों की सीमा का निर्धारण संविधान के लिए क्यों जरूरी है? क्या कोई ऐसा भी संविधान हो सकता है जो नागरिकों को कोई अधिकार न दे |


संविधान के क्रिया-कलाप से जुड़े अनुभवों को लेकर एक चर्चा में निचे दिए गए वक्ता का पक्ष -

हरबंस - भारतीय संविधान एक लोकतांत्रिक ढाँचा प्रदान करने में सफल रहा है।


संविधान के क्रिया-कलाप से जुड़े अनुभवों को लेकर एक चर्चा में निचे दिए गए वक्ता का पक्ष -

नाजिमा - संविधान असफल नहीं हुआ, हमने उसे असफल बनाया। क्या आप इनमें से किसी पक्ष से सहमत हैं, यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो आप अपना पक्ष बतायें।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×