Advertisements
Advertisements
प्रश्न
भाव स्पष्ट कीजिए -
और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।
उत्तर
और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।
प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘मंगलेश डबराल’ द्वारा रचित “संगतकार” कविता से ली गई है। इसमें कवि द्वारा गायन में मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार की भूमिका के महत्व को दर्शाया गया है।
भाव- कवि के अनुसार संगतकार मुख्य गायक का उसके गायन में साथ देता है परन्तु वह अपनी आवाज़ को मुख्य गायक की आवाज़ से अधिक ऊँचें स्वर में नहीं जाने देता। इस तरह वह मुख्य गायक की महत्ता को कम नहीं होने देता है। यही हिचक (संकोच) उसके गायन में झलक जाती है। वह कितना भी उत्तम हो परन्तु स्वयं को मुख्य गायक से कम ही रखता है। कवि के अनुसार यह उसकी असफलता का प्रमाण नहीं अपितु उसकी मनुष्यता का प्रमाण है। वह स्वयं को न आगे बढ़ाकर दूसरों को बढ़ने का मार्ग देता है। इसमें स्वार्थ का भाव निहित नहीं होता है। एक शिष्य का अपने गुरु के प्रति समपर्ण भाव है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?
संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?
संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?
कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नज़र आता है उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?
कल्पना कीजिए कि आपको किसी संगीत या नृत्य समारोह का कार्यक्रम प्रस्तुत करना है लेकिन आपके सहयोगी कलाकार किसी कारणवश नहीं पहुँच पाए
(क) ऐसे में अपनी स्थिति का वर्णन कीजिए।
(ख) ऐसी परिस्थिति का आप कैसे सामना करेंगे?
किसी भी क्षेत्र में संगतकार की पंक्ति वाले लोग प्रतिभावान होते हुए भी मुख्य यो शीर्ष स्थान पर क्यों नहीं पहुँच पाते होंगे?
संगतकार कभी-कभी यूँ ही मुख्य गायक का साथ क्यों देता है?
तारसप्तक गाते समय मुख्य गायक को क्या-क्या परेशानियाँ होती हैं?
संगतकार की मनुष्यता किसे कहा गया है। वह यह मनुष्यता कैसे बनाए रखता है?
लोग प्रायः संगतकार की विफलता किसे समझ बैठते हैं?
वर्तमान में संगतकार जैसे व्यक्तियों की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
‘संगतकार’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए -
या अपने ही सरगम को लाँघकर |
- मुख्य गायक अपने ही सरगम को किस कारण लाँघ जाता है?
- गाने की रौ में भटकने के कारण
- संगतकार द्वारा साथ देने के कारण
- संगतकार द्वारा साथ न देने के कारण
- संगतकार नौसिखिया था
- मुख्य गायक कहाँ भटक जाता है?
- समुद्र के भँवरजाल में
- बचपन की स्मृतियों में
- तबले की ताल में
- शोर-गूँज के भँवरजाल में
- मुख्य गायक के भटकने पर संगतकार उसकी सहायता कैसे करता है?
- उसका सामान उठाकर
- उसका हाथ पकड़कर
- स्थायी को सँभालकर
- बचपन की याद दिलाकर
- “जब वह नौसिखिया था”- इस वाक्य में 'वह' किसके लिए आया है?
- संगतकार
- मुख्य गायक
- संयोजक
- बाँसुरी वादक
- 'तारसप्तक' में जब बैठने लगता है उसका गला। यहाँ 'तारसप्तक' से क्या अभिप्राय है?
- धीमा स्वर
- शुद्ध स्वर
- दुगुना धीमा स्वर
- दुगुना ऊँचा स्वर
संगतकार पाठ के अनुसार संगतकार की मुख्य विशेषता क्या होती है?