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“भौतिकी के समीकरणों में सुन्दरता होना उनका प्रयोगों के साथ सहमत होने की अपेक्षा अधिक महत्त्वपूर्ण है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

“भौतिकी के समीकरणों में सुन्दरता होना उनका प्रयोगों के साथ सहमत होने की अपेक्षा अधिक महत्त्वपूर्ण है।” यह मत महान ब्रिटिश वैज्ञानिक पी. ए. एम. डिरैक का था। इस दृष्टिकोण की समीक्षा कीजिए। इस पुस्तक में ऐसे संबंधो तथा समीकरणों को खोजिए जो आपको सुन्दर लगते हैं।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

यह कथन असत्य नहीं है। भौतिकी के समीकरण प्रयोगों से मिलने चाहिए और साथ ही सरल और सुन्दर भी होने चाहिए। आइन्स्टाइन का समीकरण (E = mc²) एक ऐसा ही समीकरण है जो बहुत सुन्दर और याद करने में सरल है। लेकिन इस समीकरण ने बीसवीं शताब्दी में विज्ञान एवं समाज का चेहरा ही बदल दिया है। दूसरा समीकरण F = G है जो कि सामान्य एवं सुन्दर है। एक दी गई स्थिति में इस समीकरण ने खगोल विज्ञान की समझ में ही आमूलचूल परिवर्तन कर दिया है। भौतिकी में कुछ अन्य ऐसे ही समीकरण निम्नवत् हैं-

F = mg, E = \[\ce{\frac{1}{2}mv^2 , }\] P = mv, E = hv तथा स्थितिज ऊर्जा U = mgh

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भौतिकी का प्रयोजन तथा उत्तेजना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: भौतिक जगत - अभ्यास [पृष्ठ १४]

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एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
पाठ 1 भौतिक जगत
अभ्यास | Q 1.14 | पृष्ठ १४
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