मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

भूपृष्ठ तरंगों के प्रकार स्पष्ट कीजिए। - Geography [भूगोल]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भूपृष्ठ तरंगों के प्रकार स्पष्ट कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

भूकंप के दौरान, संचित तनाव विशाल तरंगों के रूप में पृथ्वी की सतह पर कंपन उत्पन्न करने के लिए उत्सर्जित होता है। इन तरंगों को भूकंपीय तरंगें कहा जाता है और ये तीन प्रकार की होती हैं -

  1. प्राथमिक भूकंपीय तरंगें:
    • पृथ्वी की सतह से ऊर्जा उत्सर्जित होने पर जो तरंगें सबसे पहले पृथ्वी की सतह पर पहुँचती हैं, उन्हें प्राथमिक भूकंपीय तरंगें कहा जाता है।
    • ये तरंगें तरल, ठोस और गैसीय तीनों माध्यमों से होकर गुजर सकती हैं।
    • इनका गति उच्च होता है और ये भूकंप के केंद्र से पृथ्वी दिशा में चलते हैं।
    • इन तरंगों को अक्सर आगे-पीछे की तरंगें कहा जाता है क्योंकि ये तरंगें जिन कणों से होकर गुजरती हैं वे तरंगों की दिशा में इधर-उधर घूमने लगते हैं।
    • शुरुआती लहरें महसूस होती हैं लेकिन बहुत हद तक नुकसान देह नहीं होतीं।
  2. द्वितीयक भूकंपीय तरंगें:
    • पृथ्वी की सतह से ऊर्जा उत्सर्जित होने के बाद प्राथमिक तरंगों के बाद जो तरंगें पृथ्वी की सतह तक पहुँचती हैं, उन्हें द्वितीयक भूकंपीय तरंगें कहा जाता है।
    • ये तरंगें केवल ठोस अवस्था वाले माध्यम से ही चल सकती हैं और किसी भी तरल अवस्था वाले माध्यम में अवशोषित हो जाती हैं।
    • इनका वेग प्राथमिक तरंगों की तुलना में कम होता है और भूकंप केंद्र बिंदु से सभी दिशाओं में बिखर जाते हैं।
    • ये तरंगें जिन कणों से होकर गुजरती हैं उन्हें ऊपर और नीचे जाने का कारण बनती हैं।
    • ये तरंगें अधिक हानिकारक होती हैं जो भूकंप के दौरान सबसे अधिक विनाश का कारण बनती हैं।
  3. सतही भूकंपीय तरंगें:
    • ये तरंगें मुख्य पी और एस तरंगों के उपरिकेंद्र तक पहुंचने के बाद उत्पन्न होती हैं।
    • वे पृथ्वी की भूपटल के साथ-साथ उसकी परिधि की दिशा में यात्रा करते हैं।
    • वे अत्यधिक विनाशकारी हैं।
shaalaa.com
भूकंप के कारण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: आंतरिक हलचलें - स्वाध्याय [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

बालभारती Geography (Social Science) [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
पाठ 2 आंतरिक हलचलें
स्वाध्याय | Q ६. (उ) | पृष्ठ २०

संबंधित प्रश्‍न

भ्रंश घाटी बनने के लिए भूपटल पर हलचलों की कौन-सी क्रिया होनी चाहिए?


अंतर्गत हलचलें पहचानिए और नाम बताइए:

पृथ्वी के भूपटल में से तप्त लावा रस बाहर फेंका जाता है।


भूकंप कैसा होता है यह स्पष्ट करते हुए निम्न कथनों का उचित क्रम में लगाइए।

(अ) पृथ्वी का भूपटल हिलता है ।

(आ) भूपट्टिकाएँ अचानक हिलने लगती हैं ।

(इ) प्रावार के भीतर हलचलों के कारण दबाव बढ़ता हैं ।

(ई) कमजोर बिंदु के पास (भ्रंश रेखा के पास) चट्टाने टूटती है।

(उ) संचित ऊर्जा भूकंप लहरों के रूप में मुक्त होती हैं ।


भूकंप के कारण स्पष्ट कीजिए।


भूकंप की तीव्रता और मकानों का गिरना इनके बीच किस प्रकार का संबंध हैं?


आकृति के माध्यम से अभिकेंद्र, नाभि, भूकंप की प्राथमिक, द्वितीयक एवं भूपृष्ठ तरंगें दर्शाइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×