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प्रश्न
ब्रायोफायटा विभाग की वनस्पतियों की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर
ब्रायोफायटा समूह की वनस्पतियाँ अबीजपत्री वनस्पति उपजाति में शामिल होती हैं। इन वनस्पतियों को वनस्पति जगत का 'उभयचर' कहा जाता है, क्योंकि इनकी वृद्धि नम मिट्टी में होती है, परंतु प्रजनन के लिए पानी की आवश्यकता होती है। ये वनस्पतियाँ निम्नस्तरीय, बहुकोशिकीय और स्वयंपोषी होती हैं। इन वनस्पतियों की शारीरिक रचना फीते (रिबन) जैसी चपटी और लंबी होती है, परंतु उनमें वास्तविक जड़े, तने, या पत्तियाँ नहीं होतीं, बल्कि केवल पत्तियों के जैसी रचना होती है। इसलिए वे हरी (हरित) दिखाई देती हैं। इनमें पानी और भोजन के संवहन के लिए विशेष ऊतक नहीं होते हैं। वर्षा के मौसम में, पुरानी नम दीवारों, ईंटों, या पत्थरों पर पानी की उपलब्धता के कारण, इन वनस्पतियों की तेजी से वृद्धि हो जाती है और हरी कालीन लगती हैं। उदाहरण के रूप में, मॉस (फ्यूनेरिया), मार्केशिया, एन्थॉसिरॉस, रिक्सिया, आदि।
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______ को पादप जगत के जल-स्थलचर अर्थात उभयचर कहा गया हे।
वाक्यों के आगे सही (T) अथवा गलत (F) लिखिए -
ब्रोयाफाइट में संवहन ऊतक होते हैं।
वाक्यों के आगे सही (T) अथवा गलत (F) लिखिए -
फ्यूनेरिया एक मॉस हे।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति करें तथा कथन का कारण स्पष्ट कीजिए।
______ समूह को वनस्पति जगत का उभयचर कहा जाता है।
सुस्पष्ट और नामनिर्देशित आकृति खींचकर उसके बारे में स्पष्टीकरण लिखिए।
मर्केंशिया
सुस्पष्ट और नामनिर्देशित आकृति खींचकर उसके बारे में स्पष्टीकरण लिखिए।
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