मराठी

बतायें कि भारतीय संविधान के निर्माण के बारे में निम्नलिखित अनुमान सही हैं या नहीं ? संविधान में कोई मौलिकता नहीं है क्योंकि इसका अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों से लिया गया है। - Political Science (राजनीति विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बतायें कि भारतीय संविधान के निर्माण के बारे में निम्नलिखित अनुमान सही हैं या नहीं ? अपने उत्तर का कारण बतायें |

संविधान में कोई मौलिकता नहीं है क्योंकि इसका अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों से लिया गया है।

पर्याय

  • सही

  • गलत

MCQ
चूक किंवा बरोबर

उत्तर

यह कथन गलत है |

स्पष्टीकरण:

यह कथन भी गलत है कि भारतीय संविधान मौलिक नहीं है, क्योकि इसकी अधिकांश भाग विश्व के अन्य देशों के संविधान से ग्रहण किया गया है। सही अर्थों में संविधान सभा के सदस्यों ने अन्य देशों की संवैधानिक व्यवस्थाओं के स्वस्थ प्रावधानों को लेने में कोई संकोच नहीं किया। किन्तु इसे नकल करने की मानसिकता भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि संविधान निर्माताओं ने ग्रहण किए गए प्रावधानों को अपने देश की व्यवस्थाओं के अनुकूल बना लिया। अतः भारतीय संविधान की मौलिकता पर कोई प्रश्न चिह्न लगाना नितान्त गलत है।

shaalaa.com
भारतीय संविधान कैसे बना ?
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संविधान - क्यों और कैसे? - प्रश्नावली [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 11
पाठ 1 संविधान - क्यों और कैसे?
प्रश्नावली | Q 4. (ग) | पृष्ठ २४

संबंधित प्रश्‍न

इनमें कौन-सा संविधान का कार्य नहीं है?


बतायें कि भारतीय संविधान के निर्माण के बारे में निम्नलिखित अनुमान सही हैं या नहीं ? अपने उत्तर का कारण बतायें |

संविधान-सभा में भारतीय जनता की नुमाइंदगी नहीं हुई | इसका निर्वाचन सभी नागरिकों द्वारा नहीं हुआ था |


बतायें कि भारतीय संविधान के निर्माण के बारे में निम्नलिखित अनुमान सही हैं या नहीं ? अपने उत्तर का कारण बतायें |

संविधान बनाने की प्रक्रिया में कोई बड़ा फ़ैसला नहीं लिया गया क्योंकि उस समय नेताओं के बीच संविधान की बुनियादी रूपरेखा के बारे में आम सहमति थी।


भारतीय संविधान के बारे में निम्नलिखित निष्कर्ष की पुष्टि में दो उदाहरण दें |

संविधान का निर्माण विश्वसनीय नेताओं द्वारा हुआ। इसके लिए जनता के मन में आदर था।


भारतीय संविधान के बारे में निम्नलिखित निष्कर्ष की पुष्टि में दो उदाहरण दें |

संविधान जनता की आशा और आकांक्षाओं का केंद्र है।


संविधान के क्रिया-कलाप से जुड़े अनुभवों को लेकर एक चर्चा में निचे दिए गए वक्ता का पक्ष -

नेहा – संविधान में स्वतंत्रता, समता और भाईचारा सुनिश्चित करने का विधिवत् वादा है। चूँकि ऐसा नहीं हुआ इसलिए संविधान असफल है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×