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प्रश्न
चालू एवं तरल अनुपात के महत्त्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर
- चालू अनुपात -
चालू अनुपात चालू परिसपत्तियों तथा चालू दायित्व का समानुपात होता हैं। इसे निम्नवत् व्यक्त किया जाता हैं-
चालू अनुपात - चालू परिसंपत्तियाँ - चालू दायित्व अथवा `"चालू परिसंपत्तियाँ"/"चालू दायित्व"`
चालू परिसंपत्तियों के अंतर्गत चालू निवेश, स्टॉक (रहतिया/माल सूची), व्यापारिक प्राप्य (देनदार तथा प्राप्य विपत्र), रोकड़ तथा रोकड़ तुल्यांक, अल्पकालीन ऋण एवं अग्रिम तथा अन्य चालू परिसंपत्तियाँ जैसे पूर्वदत्त व्यय, अग्रिम कर तथा उपार्जित आय आदि शामिल हें।
चालू दायित्व के अंतर्गत अल्पकालीन ऋण, व्यापारिक देय (लेनदार तथा देय विपत्र), अन्य चालू दायित्व तथा अल्पकालीन प्रावधान शामिल हैं।
चालू अनुपात का महत्व:
यह एक मापदंड प्रदान करता है कि चालू परिसंपत्तियाँ, चालू देयताओं को किस सीमा तक पूरा करने में समर्थ हैं। चालू दायित्व के ऊपर चालू परिसंपत्तियों का आधिक्य चालू परिसंपत्तियों की वसूली एवं निधियों के प्रवाह में अनिश्चितता के प्रति उपलब्ध सुरक्षा राशि के साधन या उपाय को उपलब्ध कराता है। यह अनुपात औचित्यपूर्ण होना चाहिए। यह न तो बहुत ऊँचा होना चाहिए और न ही बहुत निम्न। दोनों ही स्थितियों की अन्तर्निहित हानियाँ हैं। एक अति उच्च चालू अनुपात, चालू परिसंपत्तियों में उच्च निवेश की ओर संकेत करता है जो कि एक अच्छा संकेत नहीं है चूँकि वह संसाधनों की अधूरी उपयोगिता अनुचित उपयोग दर्शाता है। एक निम्न अनुपात व्यवसाय के लिए संकट की स्थिति है और इसे जोखिम झेलने जैसी स्थिति में पहुँचाता है जहाँ वह इस योग्य नहीं होगा कि अपने अल्पकालिक ऋणों का भुगतान समय पर करने के काबिल हो। यदि यह समस्या विद्यमान रही है तो यह फर्म की ऋण पात्रता पर विपरीत प्रभाव डालता है। सामान्यतः यह अनुपात 2 : 1 आदर्श माना जाता है।
- तरल अनुपात -
यह त्वरित (तरल) परिसंपत्तियों पर चालू दायित्व का अनुपात है। इसे निम्नवत व्यक्त किया जाता है -
तरल अनुपात = तरल परिसंपत्तियाँ - चालू दायित्व या `"त्वरित अथवा तरल परिसंपत्तियाँ"/"चालू देनदारियाँ"`
तरल परिसंपत्तियों को उन परिसंपत्तियों के रूप में परिभाषित किया गया है, जो तुरंत ही नकदी में परिवर्तनीय हैं। जब हम तरल परिसंपत्तियों का परिकलन करते हैं तब हम अंतिम स्टॉक तथा अन्य चालू परिसंपत्तियों जैसे पूर्वदत्त व्ययों, अग्रिम कर आदि को चालू परिसंपत्तियों में से घटा देते हैं, क्योंकि गैर-तरल चालू परिसंपत्तियों के अपवर्जन से, इसे व्यवसाय के द्रवता स्थिति के मापन के रूप में चालू अनुपात की अपेक्षा बेहतर माना जाता है। इसे व्यवसाय की द्रवता स्थिति पर संपूरक जाँच के रूप में काम लेने के लिए परिकलित किया जाता है। इसलिए इसे अम्ल जाँच अनुपात के नाम से भी जाना जाता है।
तरल अनुपात का महत्व:
यह अनुपात व्यवसाय को बिना किसी त्रुटि के, उसकी अल्पकालिक दायित्व को पूरा करने की क्षमता का मापक उपलब्ध कराता है। सामान्यतः यह माना गया है कि सुरक्षा के लिए 1 : 1 अनुपात होना चाहिए क्योंकि अनावश्यक रूप से बहुत निम्न अनुपात बहुत जोखिम युक्त होता है और उच्च अनुपात यह प्रकट करता है कि कम लाभ वाले अल्पकालिक निवेशों में अन्यथा संसाधनों का आबंटन होता है।
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संबंधित प्रश्न
द्रवता अनुपात क्या है?
चालू अनुपात समग्र द्रवता का बेहतर माप केवल तभी उपलब्ध कराता है जब एक फर्म की माल सूची आसानी से रोकड़ में न परिवर्तित हो सके। यदि माल सूची तरल है तो समग्र द्रवता के मापन हेतु तरल अनुपात एक प्राथमिकता है। व्याख्या कीजिए।
निम्नलिखित तुलन-पत्र 31 मार्च 2017 पर टाइटे मशीन लिमिटेड का है-
विवरण | रु. |
I. समता तथा देयताएँ | |
(i) अंशधारक निधि | |
(क) अंश पूँजी | 24,00,000 |
(ख) आरक्षित एवं अधिशेष | 6,00,000 |
(ii) गैर-चालू दायित्व | |
(क) दीर्घकालीन ऋण | 9,00,000 |
(iii) चालू दायित्व | |
(क) अल्पकालीन ऋण | 6,00,000 |
(ख) व्यापारिक देय | 23,40,000 |
(ग) अल्पकालीन प्रावधान | 60,000 |
योग | 69,00,000 |
II. परिसंपत्तियाँ | |
(i) गैर-चालू परिसंपत्तियाँ | |
(क) स्थाई परिसंपत्तियाँ | |
मूर्त परिसंपत्तियाँ | 45,00,000 |
(ii) चालू परिसंपत्तियाँ | |
(क) रहतिया | 12,00,000 |
(ख) व्यापारिक प्राप्य | 9,00,000 |
(ग) रोकड् एवं रोकड़ तुल्यांक | 2,28,000 |
(घ) अल्पकालीन ऋण एवं अग्रिम | 72,000 |
योग | 69,00,000 |
चालू अनुपात तथा तरलता अनुपात ज्ञात कीजिए।
चालू अनुपात 3.5 है। कार्यशील पूँजी 90,000 रु. है। चालू परिसंपतियों तथा चालू दायित्व की राशि परिकलित करें।
शाइन लिमिटेड का चालू अनुपात 4.5 : 1 एवं तरल अनुपात 3 : 1 है। यदि रहतिया 36,000 रु. है तो चालू दायित्व एवं चालू परिसंपत्तियाँ परिकलित करें।
एक कंपनी की चालू दायित्व 75,000 रू. है, यदि चालू अनुपात 4 : 1 है तथा तरल अनुपात 1 : 1 है तो चालू परिसंपत्तियों, तरल अनुपात एवं रहतिए का मूल्य परिकलित कीजिए।
हांडा लि. का रहतिया 20,000 रु. है, कुल तरल परिसंपत्तियाँ 1,00,000 रु. हैं। और तरल अनुपात 2 : 1 है। चालू अनुपात परिकलित कीजए।
चालू अनुपात परिकलित करें, यदि, रहतिया 6,00,000 रु. है। तरल परिसंपत्तियाँ 24,00,000 रु. है। तरल अनुपात 2 : 1.
निम्नलिखित जानकारी से निम्न अनुपात परिकलित कीजिए-
(i) चालू अनुपात (ii) तरल अनुपात, (iii) प्रचालन अनुपात (iv) सकल लाभ अनुपात
रू. | |
चालू परिसंपत्तियाँ | 35,000 |
चालू दायित्व | 17,500 |
रहतिया | 15,000 |
प्रचालन व्यय | 20,000 |
प्रचालन से आगम |
60,000 |
प्रचालन से आगम की लागत |
30,000 |