मराठी

‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर बताइए कि भूरी घास कहाँ उगी है? वह क्या कर रही है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर बताइए कि भूरी घास कहाँ उगी है? वह क्या कर रही है?

टीपा लिहा

उत्तर

‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता में भूरी घास तालब की तली में उगी है। हवा चलने से पानी में हलचल हो रही है। और पानी लहरा रहा है। इसका असर भूरी घास पर पड़ रहा है। इससे भूरी घास भी लहरा रही है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 14: चंद्र गहना से लौटती बेर - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 14 चंद्र गहना से लौटती बेर
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

संबंधित प्रश्‍न

भाव स्पष्ट कीजिए -

आँधी पीछै जो जल बूठा, प्रेम हरि जन भींनाँ।


संकलित साखियों और पदों के आधार पर कबीर के धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव संबंधी विचारों पर प्रकाश डालिए।


‘मोट चून मैदा भया’ के माध्यम से कबीर क्या कहना चाहते हैं?


कबीर ने ‘भान’ किसे कहा है? उसके प्रकट होने पर भक्त पर क्या प्रभाव पड़ता है?


अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?


इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है वह भारत के किस भू-भाग पर स्थित है?


चाँदी की उजली जाली के समान किसे कहा गया है? यह जाली कहाँ दिखाई दे रही है?


‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता में सारस का स्वर कवि को कैसा प्रतीत होता है? इसे सुनकर उसके मन में क्या इच्छा होती है?


कविता में कवि ने आकाश में बादल और गाँव में मेहमान (दामाद) के आने का जो रोचक वर्णन किया है, उसे लिखिए।


कविता में मेघ रूपी मेहमान के आने पर कौन क्या कर रहे हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×