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चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूनानी और रोमन संस्कृति के किन तत्वों को पुनर्जीवित किया गया? - History (इतिहास)

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प्रश्न

चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूनानी और रोमन संस्कृति के किन तत्वों को पुनर्जीवित किया गया?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूनानी और रोमन संस्कृतियों व सभ्यताओं को पुनः जीवित करने का प्रयत्न किया गया। यूरोप में हुए परिवर्तनों का प्रभाव यूनान व रोमन संस्कृतियों पर भी पड़ा। 14वीं और 15वीं शताब्दी में आम जनता के मन में यूनानी व रोमन संस्कृतियों के अध्ययन के प्रति अनेक जिज्ञासाएँ उत्पन्न हुईं। कारण यह था कि अब तक शिक्षा व वाणिज्य में काफी प्रगति हो चुकी थी। यूनानी और रोमन संस्कृति व सभ्यता से प्रभावित होकर मानव को ईश्वर की सर्वोत्कृष्ट रचना माना गया और अनेक चित्रकारों ने मानव से संबंधित विषयों पर अपनी रचनाएँ व चित्रकारियाँ कीं। इसके अतिरिक्त दार्शनिक व तर्कवाद की प्रवृत्ति से प्रभावित होकर अनेक वैज्ञानिकों ने आविष्कार किए और लोगों को मध्यकाल के अंधकार से बाहर निकालने का प्रयास किया। कई रूढ़ियों व अंधविश्वासों का पर्दाफाश यूनानी व रोमन तर्कवाद के माध्यम से किया गया। आत्मा और परमात्मा को छोड़कर लेखकों व चित्रकारों का प्रतिपाद्य मानव बन गया। उसके भौतिक जीवन की समस्याओं व उससे छुटकारा पाने की ओर अनेक विद्वानों ने अपने-अपने सिद्धांत प्रतिपादित किए। इसके साथ-साथ अनेक व्यापारिक मार्गों की खोज के फलस्वरूप यूरोप व अन्य देशों की संस्कृतियों का पता चला और सभ्यताओं के सभी आवश्यक सांस्कृतिक तत्व पुनर्जीवित हुए।

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पाठ 7: बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ - अभ्यास [पृष्ठ १६७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी History [Hindi] Class 11
पाठ 7 बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १६७
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