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प्रश्न
CuSO4.5H2O का रंग नीला होता है जबकि CuSO4 रंगहीन होता है क्यों?
उत्तर
CuSO4.5H2O में जल लिगंड की तरह कार्य करता है। अत: यह क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन करता है इसलिए CuSO4.5H2O में d—d स्थानांतरण संभव है और इसीलिए यह रंग प्रदर्शित करता है। परंतु निर्जल CuSO4 में लिगंड (जल) की अनुपस्थिति में क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन संभव नहीं होगा अत: रंग भी नहीं होगा।
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अष्टफलकीय [CoCl6]4− के लिए CFSE 18,000 cm−1 है, तो चतुष्फलकीय [CoCl4]2− की CFSE होगी ______।
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
निम्नलिखित संकुल आयनों को क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा (Δ0) के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
[Cr(Cl)6]3–, [Cr(CN)6]3–, [Cr(NH3)6]3+
कॉलम I में दिए गए संकुल आयनों और कॉलम II में दिए रंगों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
कॉलम I (संकुल आयन) | कॉलम II (रंग) |
(A) [Co(NH3)6]3+ | (1) बैंगनी |
(B) [Ti(H2O)6]3+ | (2) हरा |
(C) [Ni(H2O)6]2+ | (3) पीला-नीला |
(D) (Ni(H2O)4(en)3]2+ (aq) | (4) पीला-नारंगी |
(5) नीला |
क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ऊर्जा स्तर आलेख बनाइए और निम्नलिखित में केंद्रीय धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनी विन्यास लिखकर चुंबकीय आघूर्ण का मान निर्धारित कीजिए।
[CoF6]3–, [Co(H2O)6]2+, [Co(CN)6]3–
संयोजकता आबंध सिद्धांत द्वारा [Cr(H2O)6]3+ के संबंध में निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए।
- संकरण का प्रकार
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संकुल का प्रेक्षित रंग संकुल द्वारा अवशोषित तरंग दैर्घ्य से कैसे संबधित होता है?
उसी धातु और उन्हीं लिगंडों वाले अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संकुलों का रंग भिन्न क्यों होता है?