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प्रश्न
दक्षिण एशिया के देश एक - दूसरे पर अविश्वास करते हैं। इससे अन्तर्राष्टीय मंचों पर यह क्षेत्र एकजुट होकर अपना प्रभाव नहीं जमा पाता। इस कथन की पुष्टि में कोई भी दो उदाहरण दें और दक्षिण एशिया को मजबूत बनाने के लिए उपाय सुझाएँ।
उत्तर
दक्षिण एशिया के सभी देश एक - दूसरे पर विश्वास नहीं करते, इसलिए वे अंतर्राष्टीय मंच पर एक स्वर में नहीं बोल पाते। उदाहरण के लिए, अन्तर्राष्टीय मंच पर भारत पाकिस्तान के विचार सदैव एक - दूसरे के विपरीत होते हैं। दोनों ही देश एक - दूसरे में कमियाँ निकलना शुरू कर देते हैं। दक्षिण एशिया के सारे झगड़े सिर्फ भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच ही नहीं हैं; बल्कि भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और नेपाल के बीच में भी अनेक मुद्दों पर विवाद बने हुए हैं - जैसे - जातीय मूल के नेपालियों के भूटान अप्रवास तथा रोहिग्या लोग के म्यांमार में अप्रवास के मसलों के मतभेद भी अंतराष्टीय मंच पर उठते रहते हैं। बांग्लादेश और नेपाल के बीच हिमालय नदियों के बंटवारे को लेकर मतभेद बने हुए हैं। दक्षेस के अन्य देशों को यह डर बना हुआ है की भारत कहीं बड़े होने का दबाव हम पर न बना बैठे। इसका कारण दक्षिण एशिया का भूगोल भी हैं, जहाँ भारत बीच में स्थित है और अन्य देश भारत की सीमा के चरों तरफ है। दक्षिण एशिया को मजबूत बनाने का उपाय - दक्षिण एशिया को निम्नलिखित उपायों द्वारा मजबूत बनाया जा सकता है, जैसे मुक्त व्यापार संधि को पूरी ईमानदारी से लागू करना, सेवाओं के क्षेत्र में आदान - प्रदान को बढ़ावा देना, व्यापारियों तथा पर्यटकों को दीर्धकालीन बीजा देकर तथा इन देशों के जहाजों को अपने बंदरगाहों पर प्राथमिकता से आने - जाने की सुविधा देकर। यदि दक्षिण एशिया के देश आपस में संदेश और अविश्वास की दिवारे तोड़ दें तो 140 करोड़ की आबादी वाले ये देश अपने संसाधनो का उचित विकास कर सकते हैं तथा विभिन्न कार्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं।