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प्रश्न
दो भारी गोले जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान 100 kg तथा त्रिज्या 0.10 m है किसी क्षैतिज मेज पर एक-दूसरे से 1.0 m दूरी पर स्थित हैं। दोनों गोलों के केन्द्रों को मिलाने वाली रेखा के मध्य बिन्दु पर गुरुत्वीय बल तथा विभव क्या है? क्या इस बिन्दु पर रखा कोई पिण्ड सन्तुलन में होगा? यदि हाँ, तो यह सन्तुलन स्थायी होगा अथवा अस्थायी?
उत्तर
प्रत्येक गोले का द्रव्यमान इसके केन्द्र पर निहित माना जा सकता है।
अतः CACB = r = 1.0 m तथा mA = mB = 100 kg
दोनों गोलों के केन्द्रों को मिलाने वाली रेखा के मध्य बिन्दु M की प्रत्येक गोले के केन्द्र से
दूरी = `"r"_"A" = "r"_"B" = "r"/2 = (1.0 "m")/2 = 0.5 "m"`
गोले A के कारण बिंदु M पर गुरुत्वीय बल क्षेत्र (गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता) -
`|vec"I"_"A"| = "I"_"A" = ("Gm"_"A")/("r"_"A"^2)`; [दिशा M से CA की दिशा में] ...(1)
गोले B के कारण बिंदु M पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता-
`|vec"I"_"B"| = "I"_"B" = ("Gm"_"B")/("r"_"B"^2)`; [दिशा M से CB की दिशा में] ...(2)
∵ यहाँ mA = mB तथा rA = rB, अतः समीकरण (1) तथा समीकरण (2) से स्पष्ट है की `|vec"I"_"A"| = |vec"I"_"B"|` इसके साथ साथ यह भी स्पष्ट है की `vec"I"_"A"` तथा `vec"I"_"B"` दोनों परस्पर विपरीत दिशा में है।
अतः ये एक-दूसरे को निरस्त कर देगी। इसलिए M पर परिणामी गुरुत्व क्षेत्र की तीव्रता = शून्य। परन्तु गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता की परिभाषा से यह M बिन्दु पर रखे एकांक द्रव्यमान पर लगने वाले गुरुत्वीय बल को व्यक्त करेगी। इसलिए गोले के मध्य बिन्दु M पर रखे किसी भी पिण्ड पर गुरुत्वीय बल शून्य होगा।
गोले A के कारण बिन्दु M पर गुरुत्वीय बिभव
`"V"_"A" = ("Gm"_"A")/"R"_"A" = -"G" (100/0.5) "J"/"kg" = - 200 "G"` J/kg
गोले B के कारण बिन्दु M पर गुरुत्वीय बिभव
`"V"_"B" = ("Gm"_"B")/"R"_"B" = -"G" (100/0.5) "J"/"kg" = - 200 "G"` J/kg
∴ बिन्दु M पर परिणामी गुरुत्वीय विभव `"V" = "V"_"A" + "V"_"B"`
= [(-200 G) + (-200 G)] J/kg
= -400 G J/kg
= `-400 xx 6.67 xx 10^-11` J/kg
= `-2.668 xx 10^-8` J/kg
≈ -2.67 × 10-8 J/kg
चूँकि ऊपर सिद्ध किया जा चुका है कि मध्य बिन्दु M पर रखे किसी भी पिण्ड पर परिणामी गुरुत्वीय बल = शून्य
अतः मध्य बिन्दु M पर रखा पिण्ड सन्तुलन में होगा।
अब यदि पिण्ड को थोड़ा-सा मध्य बिन्दु से किसी भी गोले की ओर विस्थापित कर दिया जाये तो वह एक नेट गुरुत्वीय बल के कारण इस बिन्दु से दूर विस्थापित होता चला जायेगा। अतः पिण्ड का सन्तुलन अस्थायी है।