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प्रश्न
दो समान लम्बाई की तारों में एक ऐलुमिनियम का और दूसरा कॉपर को बना है। इनके प्रतिरोध समान हैं। दोनों तारों में से कौन-सा हल्का है? अतः समझाइए कि ऊपर से जाने वाली बिजली केबिलों में ऐलुमिनियम के तारों को क्यों पसन्द किया जाता है? (ρal = 2.63 x 10-8 Ωm, ρcu = 1.72 x 10-8 Ωm, Al का आपेक्षिक घनत्व = 2.7, कॉपर का आपेक्षिक घनत्व = 8.9)
उत्तर
दिया है, `rho_"Al" = 2.63 xx 10^-8 Omega "m", rho_"Cu" = 1.72 xx 10^-8 Omega "m"`
माना इन तारों के अनुप्रस्थ परिच्छेद क्रमशः AAl तथा ACu है।
∵ तारों के प्रतिरोध समान हैं; अतः
`rho_"Al" l/("A"_"Al") = rho_"Cu" l/("A"_"Cu") => ("A"_"Al")/("A"_"Cu") = rho_"Al"/rho_"Cu"`
माना Al व Cu के घनत्व क्रमशः dAl व dCu हैं, तब
द्रव्यमानों का अनुपात `("m"_"Al")/("m"_"Cu") = ("A"_"Al" xx l xx "d"_"Al")/("A"_"Cu" xx l xx "d"_"Cu") = rho_"Al"/rho_"Cu" xx "d"_"Al"/"d"_"Cu"`
या `("m"_"Al")/("m"_"Cu") = (2.63 xx 10^-8)/(1.72 xx 10^-8) xx 2.7/8.9 = 0.46 ~~ 1/2`
स्पष्ट है कि ऐलुमिनियम के तार का द्रव्यमान, कॉपर के तार के द्रव्यमान का आधा है अर्थात् ऐलुमिनियम का तार हल्का है। यही कारण है कि ऊपर से जाने वाले बिजली के केबिलों में ऐलुमिनियम के तारों का प्रयोग किया जाता है। यदि कॉपर के तारों का प्रयोग किया जाए तो खम्भे और अधिक मजबूत बनाने होंगे।