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प्रश्न
एक शाम जब मैं घर में बैठी थी तभी अचानक किसी ने ज़ोर से दरवाजा खटखटाया।
मैं चौंक गया/गई ..................................' पंक्ति से लगभग 100 शब्दों मे लघुकथा लिखिए।
उत्तर
विश्वास का महत्व
एक शाम जब मैं घर में बैठी थी, तभी अचानक किसी ने ज़ोर से दरवाजा खटखटाया। मैं चौंक गई और दरवाजे की ओर बढ़ी। मेरे मन में एक अजीब सा डर था। "इतनी देर रात कौन हो सकता है?" यह सोचते हुए मैंने धीरे से दरवाजा खोला। मेरे सामने एक अजनबी खड़ा था, उसका चेहरा पसीने से तर और आँखें घबराई हुई थीं। मैंने डरते हुए पूछा, "तुम कौन हो और इतनी देर रात यहाँ क्या कर रहे हो?"
उस आदमी ने घबराते हुए कहा, "बहन, माफ़ करना, मेरी कार अचानक खराब हो गई है और फोन की बैटरी भी खत्म हो गई है। क्या तुम मुझे मदद के लिए किसी मैकेनिक का पता बता सकती हो?" मैं थोड़ी उलझन में थी, लेकिन उसकी हालत देखकर मैं मना भी नहीं कर सकी। मैंने सोचा कि बाहरी दुनिया में हमारे विश्वास की कमी ने हमें कितना असुरक्षित बना दिया है। मैंने अपने पति को फ़ोन किया और हम दोनों ने उस आदमी की मदद करने का फ़ैसला किया। हमने पास के मैकेनिक को फोन किया, जो कुछ ही देर में आया और उसकी कार ठीक कर दी।
जाने से पहले उस आदमी ने भावुक होकर कहा, "मैं आपकी मदद को कभी नहीं भूलूँगा। आज के समय में कोई भी अजनबी पर इतनी आसानी से भरोसा नहीं करता। धन्यवाद।" उस रात के बाद मुझे एहसास हुआ कि भले ही दुनिया में असुरक्षा बढ़ गई हो, लेकिन मानवता और आपसी मदद की भावना कभी भी खत्म नहीं होनी चाहिए।
सीख: सावधानी के साथ मदद करना मानवीयता की पहचान है।