मराठी

फ़र्श पर सभी के द्वारा कुछ न कुछ काम करने की बात कविता में हुई है, मगर महरी के काम को ही कविता लिखना क्यों कहा गया है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

फ़र्श पर सभी के द्वारा कुछ न कुछ काम करने की बात कविता में हुई है, मगर महरी के काम को ही कविता लिखना क्यों कहा गया है?

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

महरी के काम को ही कविता लिखना कहा गया है क्योंकि वह झाड़ू लगाती है। फिर पोंछा लगाती है और पोंछा लगाते समय कुछ लाइनें छोड़ देती है, इसी को कविता कहा गया है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 15: फ़र्श पर - अभ्यास [पृष्ठ १०२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 3 Class 8
पाठ 15 फ़र्श पर
अभ्यास | Q 1. (ख) | पृष्ठ १०२

संबंधित प्रश्‍न

गुड़िया को कौन, कहाँ से और क्यों लाया है?


ओस कणों को देखकर कवि का मन क्या करना चाहता है?


तुम्हें कौन सा मौसम सबसे अधिक पसंद है और क्यों?


कवि ने किसान की तुलना चातक पक्षी से क्यों की है?


कवि को वर्षा होने पर किसान की याद क्यों आती है?


क्या होगा - वर्षा हो मगर तुम्हारे स्कूल में छुट्टियाँ हों।


"काले बादल तनिक देख तो।"

तुम भी अपने ढंग से 'तनिक' शब्द का इस्तेमाल करते हुए पाँच वाक्य बनाओ।


कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?


बसंत को ऋतुराज क्यों कहा जाता है? आपस में चर्चा कीजिए।


कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़कर बताइए कि इनमें किस ऋतु का वर्णन है।

फूटे हैं आमों में बौर

भौंर वन-वन टूटे हैं।

होली मची ठौर-ठौर

सभी बंधन छूट जाते हैं।


जीवन में मस्ती होनी चाहिए, लेकिन कब मस्ती हानिकारक हो सकती है? सहपाठियों के बीच चर्चा कीजिए।


संतुष्टि के लिए कवि ने ‘छककर’, ‘जी भरकर’ और ‘खुलकर’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इसी भाव को व्यक्त करने वाले कुछ और शब्द सोचकर लिखिए, जैसे-हँसकर, गाकर।


आज विश्व में कहीं भी संवाद भेजने और पाने का एक बड़ा साधन इंटरनेट है। पक्षी और बादल की चिट्ठियों की तुलना इंटरनेट से करते हुए दस पंक्तियाँ लिखिए।


''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।'' पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


''चोरी की बान में हौ जू प्रवीने।''

(क) उपर्युक्त पंक्ति कौन, किससे कह रहा है?

(ख) इस कथन की पृष्ठभूमि स्पष्ट कीजिए।

(ग) इस उपालंभ (शिकायत) के पीछे कौन-सी पौराणिक कथा है?


''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए''

ऊपर लिखी गई पंक्ति को ध्यान से पढ़िए। इसमें बात को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर चित्रित किया गया है। जब किसी बात को इतना बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है तो वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है। आप भी कविता में से एक अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण छाँटिए।


इस कविता को एकांकी में बदलिए और उसका अभिनय कीजिए।


कविता के उचित सस्वर वाचन का अभ्यास कीजिए।


तैं ही पूत अनोखी जायौ’ – पंक्तियों में ग्वालन के मन के कौन-से भाव मुखरित हो रहे हैं?


नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -

"तेरे हरे-भरे सावन के साथी ये आए हैं"

क्या बादल हरे-भरे सावन के साथी हैं अथवा किसान के? या दोनों के।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×