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प्रश्न
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'पितृसत्तात्मक-मान्यताओं और छल-छद्म भरे समाज में अपने और अपनी बेटियों के हक की लड़ाई ने भक्तिन के जीवन की दिशा पूरी तरह बदल दी।' भक्तिन पाठ के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए।
उत्तर
भक्तिन एक स्वाभिमानी और संघर्षशील महिला थी, जिसने पितृसत्तात्मक मान्यताओं और छल-छद्म भरे समाज में अपने और अपनी बेटियों के अधिकारों के लिए डटकर संघर्ष किया। जब समाज ने उसे और उसकी बेटियों को कमजोर समझकर उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की, तो भक्तिन ने हिम्मत नहीं हारी। बड़ी बेटी और दामाद को घर बुलाकर उसने गृहस्थी संभालने की कोशिश की, लेकिन दामाद की मृत्यु ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। इसके बाद, भक्तिन ने गाँव छोड़ शहर में काम करने का साहसिक निर्णय लिया। महादेवी जी की सेविका बनकर उसने अपने जीवन को नए सिरे से स्थापित किया। यह उसके स्वाभिमान और संघर्षशीलता का जीवंत उदाहरण है।