Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'यही आवाज़ मृत गाँव में संजीवनी शक्ति भरती रहती थी।' 'पहलवान की ढोलक' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि गाँव को मृत क्यों कहा गया है और मृत गाँव को कौन-सी आवाज़ किस प्रकार संजीवनी देने का कार्य करती थी?
उत्तर
गाँव को मृत इसलिए कहा गया है, क्योंकि वहाँ हैजा और मलेरिया का भयंकर प्रकोप फैला हुआ था। चारों ओर मौत का सन्नाटा छाया हुआ था, और केवल बच्चे कभी-कभी निर्बल स्वर में माँ-माँ पुकारकर रोने लगते थे। इस करुण चीत्कार के अलावा पूरे गाँव में गहरी शांति छाई हुई थी। गाँववासी अपनी आहों और सिसकियों को रोकते हुए भगवान का स्मरण कर रहे थे।
मृतप्राय गाँव के बड़े-बूढ़े, कमजोर और उपचार से वंचित लोग ढोलक की आवाज़ को संजीवनी शक्ति के रूप में अनुभव करते थे। ढोलक की आवाज़ निस्तब्ध रात को चीरती हुई, लोगों में जीवन का अहसास कराती थी। जैसे ही ढोलक की आवाज़ सुनाई देती, गाँववासियों की नसों में ऊर्जा और उत्साह का संचार हो जाता था। इस ढोलक की आवाज़ ही गाँववासियों को मृत्यु के भय से मुक्त करती थी।