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गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए? - Hindi Course - A

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प्रश्न

गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?

टीपा लिहा

उत्तर

गोपियों के वाक्चातुर्य की विशेषताएँ इस प्रकार है -

  1. तानों द्वारा (उपालंभ द्वारा) - गोपियाँ उद्धव को अपने तानों के द्वारा चुप करा देती हैं। उद्धव के पास उनका कोई जवाब नहीं होता। वे कृष्ण तक को उपालंभ दे डालती हैं। उदाहरण के लिए -
    इक अति चतुर हुते पहिलैं ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए।
    बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-सँदेस पठाए।
  2. तर्क क्षमता  - गोपियों ने अपनी बात तर्क पूर्ण ढंग से कही है। वह स्थान-स्थान पर तर्क देकर उद्धव को निरुत्तर कर देती हैं। उदाहरण के लिए -
    "सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी।"
    सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी।
    यह तौ 'सूर' तिनहि लै सौंपौ, जिनके मन चकरी।।
  3. व्यंग्यात्मकता  - गोपियों में व्यंग्य करने की अद्भुत क्षमता है। वह अपने व्यंग्य बाणों द्वारा उद्धव को घायल कर देती हैं। उनके द्वारा उद्धव को भाग्यवान बताना उसका उपहास उड़ाना था।
  4. तीखे प्रहारों द्वारा  - गोपियों ने तीखे प्रहारों द्वारा उद्धव को प्रताड़ना दी है।
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पद
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पाठ 1: सूरदास - पद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 1 सूरदास - पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 11 | पृष्ठ ७

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उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुखरी − की

  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

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