मराठी

हमारे आज के इंजीनियर ऐसा क्यों समझते हैं कि वे पानी का प्रबंध जानते है और पहले ज़माने के लोग कुछ नहीं जानते थे? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हमारे आज के इंजीनियर ऐसा क्यों समझते हैं कि वे पानी का प्रबंध जानते है और पहले ज़माने के लोग कुछ नहीं जानते थे?

टीपा लिहा

उत्तर

आज के इंजीनियर अपने तकनीक ज्ञान को बहुत उच्च मानते हैं। उनको लगता है कि पुराने ज़माने में लोगों को तकनीकी ज्ञान नहीं था। वे तकनीकी शिक्षा से अनजाने थे। ऐसा सोचकर वे स्वयं एक गलतफहमी में जीते हैं। वह मानते हैं कि पश्चिमी सभ्यता ने ज्ञान का प्रसार किया है। भारत के लोगों को ज्ञान था ही नहीं। रिनसां के बाद से ही लोगों के अंदर ज्ञान का फैलाव हुआ।
shaalaa.com
अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antaraal Class 12
पाठ 4 अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ४७

संबंधित प्रश्‍न

मालवा में जब सब जगह बरसात की झड़ी लगी रहती है तब मालवा के जनजीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?


अब मालवा में वैसा पानी नहीं गिरता जैसा गिरा करता था। उसके क्या कारण हैं?


'मालवा में विक्रमादित्य, भोज और मुंज रिनेसा के बहुत पहले हो गए।' पानी के रखरखाव के लिए उन्होंने क्या प्रबंध किए?


'हमारी आज की सभ्यता इन नदियों को अपने गंदे पानी के नाले बना रही है।'- क्यों और कैसे?


लेखक को क्यों लगता है कि 'हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है'? आप क्या मानते हैं?


धरती का वातावरण गरम क्यों हो रहा है? इसमें यूरोप और अमेरिका की क्या भूमिका है? टिप्पणी कीजिए।


क्या आपको भी पर्यावरण की चिंता है? अगर है तो किस प्रकार? अपने शब्दों में लिखिए।


विकास की औद्योगिक सभ्यता उजाड़ की अपसभ्यता है। खाऊ-उजाड़ू सभ्यता के संदर्भ में हो रहे पर्यावरण के विनाश पर प्रकाश डालिए।


पर्यावरण को विनाश से बचाने के लिए आप क्या कर सकते हैं? उसे कैसे बचाया जा सकता है? अपने विचार लिखिए।


'छप्पन के काल ने देशभर में हाय-हाय मचाई हो लेकिन मालवा में लोग न प्यासे मरे न भूखे क्योंकि उसके पहले के साल खूब पानी था और बाद के साल में भी अपने नदी, नाले, तालाब सँभाल के रखो तो दुष्काल का साल मजे में निकल जाता है। लेकिन हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है।'

लेखक को क्यों लगता है कि हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है। आप क्या मानते हैं? कथन के आलोक में अपने विचार व्यक्त कीजिए।


विकास की औद्योगिक सभ्यता उजाड़ की अपसभ्यता बन गई है। इसका कारण है -


धरती का वातावरण गरम हो रहा है। कारण बताते हुए निवारण के उपाय भी बताइए।


विकास की औद्योगिक सभ्यता, उजाड़ की अपसभ्यता है क्योंकि ______।


'पग-पग पर नीर वाला मालवा नीर विहीन हो गया' से तात्पर्य है -


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×