मराठी

इस बारे में चर्चा कीजिए कि औपनिवेशिक सरकार ने निम्नलिखित कानून क्यों बनाए? यह भी बताइए कि इन कानून से चरवाहों के जीवन पर क्या असर पड़ा: अपराधी जनजाति अधिनियम - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस बारे में चर्चा कीजिए कि औपनिवेशिक सरकार ने निम्नलिखित कानून क्यों बनाए? यह भी बताइए कि इन कानून से चरवाहों के जीवन पर क्या असर पड़ा:

अपराधी जनजाति अधिनियम

टीपा लिहा

उत्तर

अपराधी जनजाति अधिनियम : अंग्रेज सरकार खानाबदोश लोगों को संदेह की दृष्टि से देखती थी और उनके घुमक्कड़पन के कारण उनका अनादर करती थी। वे गाँव-गाँव जाकर बेचने वाले कारीगरों व व्यापारियों और अपने रेवड़ के लिए हर साल नए-नए चरागाहों की तलाश में रहने वाले, हर मौसम में अपनी रिहाइश बदल लेने वाले चरवाहों पर यकीन नहीं कर पाते थे। इसलिए औपनिवेशिक सत्ता खानाबदोश कबीलों को अपराधी मानती थी। 1871 में औपनिवेशिक सरकार ने अपराधी जनजाति अधिनियम (Criminal Tribes Act) पारित किया। इस कानून ने दस्तकारों, व्यापारियों और चरवाहों के बहुत सारे समुदायों को अपराधी समुदायों की सूची में रख दिया। वैध परमिट के बिना ऐसे समुदायों को उनके अधिसूचित गाँवों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। ग्राम्य पुलिस उन पर निरंतर नजर रखती थी।

इस अधिनियम ने उन्हें कुदरती और जन्मजात अपराधी घोषित कर दिया। इस अधिनियम के परिणामस्वरूप खानाबदोश समुदायों को उनके अधिसूचित गाँवों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी और उन्हें कुछ खास अधिसूचित गाँवों/बस्तियों में बस जाने का आदेश दिया गया था। यह अधिनियम इन खानाबदोश समुदायों की घुमंतू क्रियाओं पर बहुत घातक प्रहार था।

shaalaa.com
औपनिवेशिक शासन और चरवाहों का जीवन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: आधुनिक विश्व में चरवाहे - प्रश्न [पृष्ठ ११६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - India and the Contemporary World 1 [Hindi] Class 9
पाठ 5 आधुनिक विश्व में चरवाहे
प्रश्न | Q 2. 3 | पृष्ठ ११६
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×