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प्रश्न
इस कथन की व्याख्या करें: ‘हरित क्रांति ने सरकार को खाद्यान्नों के प्रापण द्वारा विशाल सुरक्षित भंडार बनाने के योग्य बनाया, ताकि वह कमी के समय उसका उपयोग कर सके।’
उत्तर
हरित क्रांति नई कृषि तकनीक के उपयोग से कृषि उत्पादन और उत्पादकता में होने वाली भारी वृद्धि को संदर्भित करता है। इसने एक दुर्लभतापूर्ण अर्थव्यवस्था को बहुतायत पूर्ण अर्थव्यवस्था में बदल दिया।
हरित क्रांति से उत्पादन तथा उत्पादकता में भारी परिवर्तन आया। हरित क्रांति ने लगातार उपस्थित खाद्यान्नों की कमी को दूर करने में मदद की। अधिक पैदावार वाली किस्मों का कार्यक्रम (HYP) केवल पाँच फसलों अर्थात् गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का तक ही प्रतिबंधित रहा। वाणिज्यिक फसलों को नई कृषि तकनीक के दायरे से बाहर रखा गया। गेहूँ उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि देखने में आई।
गेहूं का उत्पादन जो तीसरी पंचवर्षीय योजना में 12.1 मिलियन टन था, वह 2006 में बढ़कर 79.8 मिलियन टन हो गया। इसी तरह चावल का उत्पादन 1968-69 में 38.1 मिलियन टन से बढ़कर 2005-06 में 93.4 मिलियन टन हो गया। मोटे अनाजों का उत्पादन में 1968-69 में 26.1 मिलियन टन से मात्र 33.9 मिलियन टन तक बढ़ा।
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निम्नलिखित युग्मों को सुमेलित कीजिए।
1. | प्रधानमंत्री | (क) | अधिक अनुपात में उत्पादन देने वाले बीज |
2. | सकल घरेलू उत्पाद | (ख) | आयात की जा सकने वाली मात्रा |
3. | कोटा | (ग) | योजना आयोग के अध्यक्ष |
4. | भूमि - सुधार | (घ) | किसी अर्थव्यवस्था में एक वर्ष में उत्पादित की गई सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य। |
5. | उच्च उत्पादकता वाले बीज | (ड़) | कृषि क्षेत्र की उत्पादकता वृद्धि के लिए किए सुधार। |
6. | सहायिकी | (च) | उत्पादक कार्यों के लिए सरकार द्वारा दी गई मौद्रिक सहायता। |