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प्रश्न
जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?
(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।
(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।
(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।
(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।
उत्तर
(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।
(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।
स्पष्टीकरण -
जब वैद्युतकणसंचलन, अर्थात कणों की गति को कुछ उपयुक्त साधनों द्वारा रोका जाता है, तो यह देखा जाता है कि परिक्षेपण माध्यम विद्युत क्षेत्र में गति करना शुरू कर देता है। इस घटना को इलेक्ट्रोस्मोसिस कहा जाता है।
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कॉलम I | कॉलम II |
(i) अपोहन | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
(ii) पेप्टन | (b) स्कंदन |
(iii) पायसीकरण | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
(iv) वैद्युत कण-संचलन | (d) शुद्धिकरण |