मराठी

‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा किसने कहा है और क्यों? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा किसने कहा है और क्यों?

टीपा लिहा

उत्तर

‘जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है’-ऐसा कवि ने कहा है क्योंकि कवि को स्वतंत्रता की माँग करने के कारण जेल में कैदकर दिया गया है। उसे वहाँ भरपेट भोजन नहीं दिया जाता है और मरने भी नहीं दिया जाता है। कवि एवं प्रसिद्ध क्रांतिकारियों की मृत्यु जेल में होने पर अंग्रेजों के विरुद्ध वातावरण बनने का भय था।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: कैदी और कोकिला - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 12 कैदी और कोकिला
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

संबंधित प्रश्‍न

बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?


कवि को हिमकर किस तरह निराश कर चला गया?


बालश्रम क्या है? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं इसे रोकने के लिए आप कुछ सुझाव दीजिए।


कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?


इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है वह भारत के किस भू-भाग पर स्थित है?


धरती रोमांचित-सी क्यों लगती है? यह रोमांच किस तरह प्रकट हो रहा है?


अलसी के मनोभावों का वर्णन कीजिए।


बादलों के आने पर प्रकृति में जिन गतिशील क्रियाओं को कवि ने चित्रित किया है, उन्हें लिखिए।


कविता में मेघ रूपी मेहमान के आने पर कौन क्या कर रहे हैं?


‘यमराज की दिशा’ कविता में कवि दक्षिण दिशा में दूर तक गया फिर भी वह यमराज का घर क्यों नहीं देख पाया?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×