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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए। - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

‘जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार

मानव जीवन में हार का बड़ा महत्त्व है। मानव जीवन में हार-जीत का क्रम चलता रहता है।जीवन में जीत के साथ ही हार का भी महत्त्व होता हैं। जब हमें किसी काम में असफलता का मुँह देखना पड़ता है, तो हमारा मन ही नहीं करता और हम निराश हो जाते है। अगर हमसे कोई गलतियाँ हो जाती है, तो हमे निराश नहीं होना है क्योंकि मनुष्य अपनी गलतियों से ही बहोत कुछ सीखता है। मंजिल की ओर आगे बढ़ते हुए मिलने वाली हार गलतियों को दिखाती हैं। हार इंसान को इन गलतियों को पहचानने, उन्हें सुधारने और फिर भविष्य में इस तरह कीं गलतियाँ न दोहराने का संदेश देती है, तो हम निराश हो जाते हैं। परंतु असफलता हमारे अंदर जीतने की भावना को और दृढ़ करती है। हार से एक नई राह की शुरुआत होती है। हार के मौके पर हमें अपनी कमजोरियों और गलतियों को सीखने का अद्वितीय अवसर प्राप्त होता है। हार का सामना करना हमें आत्म-समर्पण की शिक्षा देता है। जिससे हम अपने लक्ष्यों की ओर और सजग हो सकते हैं। सफल व्यक्ति हार से कभी नहीं 'घबराते, बल्कि जीवन में आने वाले ठहराव से घबराते हैं। मंजिल की ओर बढ़ते हुए मार्ग में आने वाले असफलता रूपी काँटें व्यक्ति को निडर और साहसी बनाते हैं। हार का सामना करना संघर्ष की बहादुरी का परिचय कराता है। यह हमें असफलता का सामना करने की क्षमता देता है और हमें मजबूत और सही दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। जीत की असली खुशी का एहसास वही कर सकता है, जिसने हार का मुँह देखा हो। यदि बिना प्रयास के सफलता मिलती रहती है तो सफलता का महत्त्व और आनंद दोनों समाप्त हो जाता है।

जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार,
ना सिर्फ जीत, बल्कि सीख है प्यार।

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जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
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पाठ 1.8: जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...! - स्वाध्याय [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) - Lokvani Class 9 Maharashtra State Board
पाठ 1.8 जिंदगी की बड़ी जरुरत है हार...!
स्वाध्याय | Q (३) | पृष्ठ २५

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ऐसा प्रश्न तैयार कीजिए जिसका उत्‍तर निम्‍नलिखित शब्द हों:

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संजाल पूर्ण कीजिएः


उचित जोड़ मिलाइए:

 
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ii) इन्हें पार करना वृक्षों की छाया
iii) इन्हें सहना तपती धूप
iv) इससे परे रहना पर्वत
    फूलों के रास्ते

आकृति पूर्ण कीजिए:


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

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निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

किनारों से पहले मिला मझधार।


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