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प्रश्न
जलीय कॉपर सल्फेट विलयन (नीले रंग का), निम्नलिखित प्रेक्षण दर्शाता है –
जलीय पोटैशियम क्लोराइड के साथ चमकीला हरा रंग। उपरोक्त प्रायोगिक परिणाम को समझाइए।
उत्तर
जलीय कॉपर सल्फेट विलयन [Cu(H2O)4]SO4 के रूप में स्थित रहता है तथा [Cu(H2O)4]2+ आयनों के कारण इसका रंग नीला होता है।
जब KCl विलयन मिलाया जाता है तो Cl– लिगन्ड्स दुर्बल H2O लिगन्ड्स को प्रतिस्थापित कर देते हैं और [CuCl4]2− आयन बनाते हैं, जो चमकीले हरे रंग के होते हैं।
\[\ce{[Cu(H2O)4]^2+ + \underset{[KCl_{( aq)}]}{4Cl-}->\underset{{विलयन)}}{\underset{{(चमकीला हरा}}{[CuCl4]^2-}} + 4H2O}\]
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