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प्रश्न
'जंगल का पत्र मनुष्य के नाम' इस विषय पर पत्र लिखो।
उत्तर
प्रिय मनुष्य,
स्नेहपूर्वक नमस्कार!
मैं, जंगल, आज तुमसे अपना दुःख और पीड़ा साझा करना चाहता हूँ। वर्षों से मैं तुम्हें जीवनदायी हवा, शुद्ध जल, फल-फूल, औषधियाँ और अनगिनत उपहार देता आया हूँ। लेकिन बदले में तुमने मुझे क्या दिया? केवल कटाई, आगजनी और विनाश।
तुम्हारे स्वार्थ और विकास की होड़ में मेरे हरे-भरे पेड़ काटे जा रहे हैं, नदियाँ सूख रही हैं, और मेरे अंदर रहने वाले जीव संकट में आ गए हैं। क्या तुमने कभी सोचा है कि जब मैं ही नहीं रहूँगा, तो तुम्हारा जीवन भी मुश्किल हो जाएगा? जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और प्रदूषण – ये सब मेरे नष्ट होने का परिणाम हैं।
अब भी समय है कि तुम जागरूक बनो और मुझे बचाने के लिए कदम उठाओ। अधिक से अधिक वृक्ष लगाओ, जंगलों की रक्षा करो और प्रकृति के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाओ। याद रखो, अगर मैं सुरक्षित रहूँगा, तो ही तुम भी सुरक्षित रहोगे।
सप्रेम,
तुम्हारा अपना,
जंगल