मराठी

जनसंख्या के ग्रामीण-नगरीय संघटन का वर्णन कीजिए। - Geography (भूगोल)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

जनसंख्या के ग्रामीण-नगरीय संघटन का वर्णन कीजिए।

दीर्घउत्तर

उत्तर

विश्व के विभिन्न देशों में ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या को मापने के अलग-अलग मापदंड हैं। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग प्राथमिक क्रियाओं जैसे-कृषि, वानिकी, मत्स्यन तथा खनन आदि व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न रहते हैं जबकि नगरीय क्षेत्रों में अधिकांश लोग गैर-प्राथमिक (द्वितीयक व तृतीयक) क्रियाओं जैसे-विनिर्माण, निर्माण, व्यावसायिक परिवहन सेवाओं, संचार तथा अन्य अवर्गीकृत सेवाओं के अलावा अनुसंधान व वैचारिक विकास से जुड़े कार्यों में संलग्न रहते हैं। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में आयु-लिंग संघटन, व्यावसायिक संरचना, जनसंख्या का घनत्व, विकास का स्तर व रहन-सहने की दशाएँ अलग-अलग होते हैं। पश्चिमी देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुष-लिंग-अनुपात अधिक है जबकि नगरीय क्षेत्रों में स्त्री-लिंग अनुपात अधिक है। इसके विपरीत एशिया के देशों-नेपाल, पाकिस्तान व भारत में स्थिति बिल्कुल उलट हैं। यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका व कनाडा में रोजगार के अधिक अवसरों के कारण स्त्रियाँ नगरीय क्षेत्रों की ओर प्रवास करती हैं जबकि कृषि वहाँ पर अत्यधिक मशीनीकृत होने के कारण पुरुष प्रधान व्यवसाय है। इसके विपरीत भारत जैसे एशियाई देशों में कृषि कार्यों में महिलाओं की सहभागिता काफी ऊँची है और पुरुष जनसंख्या नगरों की ओर प्रवास/पलायन करती है। भारत जैसे देशों के नगरों में आवासों की कमी, रहन-सहन की उच्च लागत, महिलाओं के लिए रोजगार के कम अवसर तथा सुरक्षा की कमी महिलाओं को गाँव से नगरों की ओर प्रवास करने से रोकते हैं। इस तरह विश्व स्तर पर ग्रामीण-नगरीय संघटन में व्यापक भिन्नता पायी जाती है। यूरोप में 2500 से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र नगरीय क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं वहीं भारत में 5000 से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र नगरीय कहलाते हैं।

shaalaa.com
ग्रामीण - नगरीय संघटन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: जनसंख्या संघटन - अभ्यास [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Fundamentals of Human Geography [Hindi] Class 12
पाठ 3 जनसंख्या संघटन
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ २०
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×