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प्रश्न
ज्ञात करें कि आपके समाज में विवाह के कौन से नियमों का पालन किया जाता है। कक्षा में अन्य विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रेक्षणों से अपने प्रेक्षण की तुलना करें तथा चर्चा करें।
उत्तर
भारतीय समाज में विवाह निश्चित नियमों द्वारा सुव्यवस्थित किया गया है। पुरुषों और स्त्रियों के पारिवारिक जीवन में प्रवेश के लिए यह एक संस्था है। हमारे समाज में विवाह केवल अनुबंध ही नहीं है, वरन् यह एक समग्र संबंध है। इसमें भावनात्मक उलझन, निष्ठा, एक-दूसरे के प्रति वचनबद्धता, आर्थिक लगाव और उत्तरदायित्व सम्मिलित है। यह स्थायी संबंध है, जिसमें पुरुष और स्त्री बच्चों की प्राप्ति के लिए सामाजिक तौर पर वचनबद्ध हैं। उन्हें यौन-संबंधों के अधिकार का प्रयोग कर बच्चे प्राप्त करने का अधिकार है। भारतीय समाज में विवाह विपरीत लिंग के दो विशिष्ट व्यक्तियों के मध्य स्वीकृत है। जाति और धर्म के संदर्भ में पारंपरिक रूढ़िवादी परिवारों में जीवन-साथी के चुनाव पर निश्चित प्रतिबंध हैं। भारतीय समाज में व्यवस्थित विवाह का प्रचलन है। हालाँकि शहरीकरण, औद्योगीकरण, स्त्री-शिक्षा, समाज सुधार, भूमंडलीकरण और विभिन्न कानूनी संशोधनों; जैसे-नारी सशक्तिकरण और संपत्ति अधिकार के कारण हमारे समाज में अनेक क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। युवा पीढी वैसे व्यक्ति के साथ विवाह करने में संकोच अनुभव करती है, जिसको उसने पहले कभी देखा नहीं है या जिससे पहले मिला नहीं है, जिसके व्यवहार, मूल्य, अभिकल्पना, विश्वास के संबंध में उसे जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति में युवा वर्ग दवाब का अनुभव करता है। आजकल एकल परिवार ने संयुक्त परिवार का स्थान ग्रहण कर लिया है और माता-पिता को सामाजिक सहायता भी उपलब्ध नहीं है। अतः जहाँ तक विवाह जैसी संस्था की बात है, भारतीय समाज में यह संक्रमण काल है।