मराठी

(क) दिलीप एम. साल्वी(ख) जयंत विष्णु नार्लीकर(ग) आइज़क ऐसीमोव(घ) आर्थर क्लार्कऊपर दिए गए लेखकों की अंतरिक्ष संबंधी कहानियाँ इकट्ठी करके पढ़ो और एक-दूसरे को सुनाओ। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

(क) दिलीप एम. साल्वी
(ख) जयंत विष्णु नार्लीकर
(ग) आइज़क ऐसीमोव
(घ) आर्थर क्लार्क
ऊपर दिए गए लेखकों की अंतरिक्ष संबंधी कहानियाँ इकट्ठी करके पढ़ो और एक-दूसरे को सुनाओ। इन कहानियों में कल्पना क्या है और सच क्या है, इसे समझने की कोशिश करो। कुछ ऐसी कहानियाँ छाँटकर निकालो, जो आगे चलकर सच साबित हुई हैं।

एका वाक्यात उत्तर
टीपा लिहा

उत्तर

छात्र ऊपर लिखे लेखकों की अंतरिक्ष संबंधी कहानियाँ विद्यालय के पुस्तकालय से लेकर पढ़ने का प्रयास करें और यह जानने की कोशिश करें कि उसमें कितनी सच्चाई है। इन लेखकों की कहानियाँ आप इंटरनेट से प्राप्त कर सकते हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: पार नज़र के - कहानी से आगे [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 6 पार नज़र के
कहानी से आगे | Q 1 | पृष्ठ ४१

संबंधित प्रश्‍न

तुमने अपने आस-पास के बड़ों से रामायण की कहानी सुनी होगी। रामलीला भी देखी होगी। क्या तुम्हें अपनी पुस्तक रामकथा की कहानी और बड़ों से सुनी लक्ष्मण की कहानी में कोई अंतर नज़र आया? यदि हाँ तो उसके बारे में कक्षा में बताओ।


‘बाल रामकथा’ किसके द्वारा लिखी गई है?


केशव ने श्यामा से चिथड़े, टोकरी और दाना-पानी मँगाकर कार्निस पर क्यों रखे थे?


बहुविकल्पीय प्रश्न:

हर शनिवार लेखिका को क्या पीना पड़ता था?


पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ नए युग की शुरुआत हुई?


बहुविकल्पीय प्रश्न

इस पाठ के लेखक कौन हैं?


राजप्पा अलबम के जलाए जाने की बात नागराजन को क्यों नहीं कह पाता है? अगर वह कह देता तो क्या कहानी के अंत पर कुछ फ़र्क पड़ता? कैसे?


कुढ़ता चेहरा ईष्र्यालु चेहरा घमंडी चेहरा अपमानित चेहरा
भूखा चेहरना चालबाज़ चेहरा भयभीत चेहरा

रूआँसा चेहरा

इन भावों को अभिव्यक्त करके दिखाओ।


जिन लोगों के पास आँखें हैं, वे सचमुच बहुत कम देखते हैं- हेलेन केलर को ऐसा क्यों लगता है?

  • मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदी हो चुकी हूँ।
  • उस बगीचे में आम, अमलतास, सेमल आदि तरह-तरह के पेड़ थे।

ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो

अवधि

-

अवधी

ओर

-

और

में

-

मैं

दिन

-

दीन

मेल

-

मैल

सिल

-

सील


‘जब तुम मेरे साथ रहती हो, तो अकसर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो।’
यह वाक्य दो वाक्यों को मिलाकर बना है। इन दोनों वाक्यों को जोड़ने का काम जब-तो (तब) कर रहे हैं, इसलिए | इन्हें योजक कहते हैं। योजक के रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए ये अव्यय का एक प्रकार होते हैं। नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक-एक वाक्य बनाओ-
बल्कि / इसलिए / परंतु / कि / यदि / तो / न कि / या / ताकि।

  1. कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है ___________  मैं मेले में जाना चाहती हूँ।
  2. मुनिया ने सपना देखा ____________ वह चंद्रमा पर बैठी है।
  3. छुट्टियों में हम सब ___________ दुर्गापुर जाएँगे _________ जालंधर।
  4. सब्ज़ी कटवा कर रखना ___________ घर आते ही मैं खाना बना लें।
  5. _________  मुझे पता होता कि शमीना बुरा मान जाएगी _______ मैं यह बात न कहती।
  6. इस वर्ष फ़सल अच्छी नहीं हुई है _________ अनाज महँगा है।
  7. विमल जर्मन सीख रहा है _________ फ्रेंच।

बहुविकल्पी प्रश्न

“लोकगीत’ पाठ के लेखक कौन हैं?


लोकगीत किस अर्थ में शास्त्रीय संगीत से भिन्न है?


बहुविकल्पी प्रश्न

गांधी जी सवेरे की प्रार्थना के बाद कौन-सा कार्य करते थे?


गांधी जी आश्रम में किस प्रकार के काम करते थे? उदाहरण सहित लिखिए।


आश्रम में काम करवाने का कौन-सा तरीका गांधी जी अपनाते थे? इसे पाठ पढ़कर लिखो।


आश्रम में कॉलेज के छात्रों से गांधी जी ने कौन-सा काम करवाया और क्यों?


आश्रम में काम करने या करवाने का कौन-सा तरीका गांधी जी अपनाते थे? इसे पाठ पढ़कर लिखो।


अपने घर के किन्हीं दस कामों की सूची बनाकर लिखो और यह भी कि उन कामों को घर के कौन-कौन से सदस्य अकसर करते हैं? तुम तालिका की सहायता ले सकते हो-

 अब यह देखो कि कौन सबसे ज्यादा काम करता है और कौन सबसे कम? कामों का बराबर बँटवारा हो सके, इसके लिए तुम क्या कर सकते हो? सोचकर कक्षा में बताओ।


नीचे लिखे गए शब्द पाठ से लिए गए हैं। इन्हें पाठ में खोजकर बताओ कि ये स्त्रीलिंग हैं या पुल्लिंग।

  • कालिख
  • भराई
  • चक्की
  • रोशनी
  • सेवा
  • पतीला

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×