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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

कारण लिखिए। परितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है। - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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प्रश्न

कारण लिखिए।

परितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।

टीपा लिहा

उत्तर

किसी भी परितंत्र की ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। परितंत्र में हरी वनस्पतियाँ कुल सौरऊर्जा की कुछ ऊर्जा भोजन के रूप में संग्रहित करती हैं। विघटकों तक पहुँचने के पूर्व ये ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर प्रवाहित की जाती है। विघटकों द्वारा इसमें से कुछ ऊर्जा, उष्मा के रूप में उत्सर्जित की जाती है परंतु इसमें से कोई भी ऊर्जा सूर्य की ओर वापस नहीं जाती अतः परितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।

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परितंत्र के ऊर्जा प्रवाह
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पाठ 7: परितंत्र के ऊर्जा प्रवाह - स्वाध्याय [पृष्ठ ८७]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
पाठ 7 परितंत्र के ऊर्जा प्रवाह
स्वाध्याय | Q 3. अ. | पृष्ठ ८७

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निम्नलिखित गलत कथन को सही करें तथा उसका पुनर्लेखन करें। अपने कथन का समर्थन कीजिए।

पोषण पदार्थों का परितंत्र में प्रवाह एकदिशीय माना जाता है।


निम्नलिखित गलत कथन को सही करें तथा उसका पुनर्लेखन करें। अपने कथन का समर्थन कीजिए।

परितंत्र की वनस्पतियों को प्राथमिक भक्षक कहा जाता है।


कारण लिखिए।

पोषण पदार्थों का परितंत्रीय प्रवाह चक्रीय होता है।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

परितंत्र के ऊर्जाप्रवाह और पोषक द्रव्यों के प्रवाह में क्या अंतर होता है? क्यों?


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