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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ९ वी

‘कला में अभिरुचि होने से जीवन का आनंद बढ़ता है’ अपने विचार लिखिए। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

‘कला में अभिरुचि होने से जीवन का आनंद बढ़ता है’ अपने विचार लिखिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

कला को अंतर्मन की सुंदर अभिव्यक्ति माना जाता है और हर मनुष्य में किसी न किसी प्रकार की कलात्मक प्रतिभा होती है। अगर बचपन में ही किसी व्यक्ति को उसकी छिपी कला के बारे में पता चल जाए, तो वह इसे और विकसित कर सकता है। कला भावनाओं का ही एक रूप है। जब ये भावनाएं कला के माध्यम से प्रकट होती हैं, तो कलाकार का आंतरिक जगत जीवंत हो उठता है। चाहे यह अभिव्यक्ति लेखन के जरिए हो, चित्रकला के माध्यम से, संगीत के स्वरों के रूप में या वाद्य यंत्रों की ध्वनि के जरिए। जब किसी व्यक्ति की कला में रुचि होती है, तो उसके जीवन में खुशी बढ़ती है। वहीं, अपनी रुचि के विरुद्ध काम करने पर व्यक्ति के जीवन में केवल तनाव, दुख और कष्ट का अनुभव होता है, लेकिन अपनी रुचि के अनुसार कला में काम करने से उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और उसे जीवन के सुखद क्षणों का अनुभव होता है।

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अपराजेय
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पाठ 2.1: अपराजेय - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ७९]

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बालभारती Hindi - Lokbharati 9 Standard Maharashtra State Board
पाठ 2.1 अपराजेय
पाठ्य प्रश्न | Q (४) | पृष्ठ ७९

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