Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘कला में अभिरुचि होने से जीवन का आनंद बढ़ता है’ अपने विचार लिखिए।
उत्तर
कला को अंतर्मन की सुंदर अभिव्यक्ति माना जाता है और हर मनुष्य में किसी न किसी प्रकार की कलात्मक प्रतिभा होती है। अगर बचपन में ही किसी व्यक्ति को उसकी छिपी कला के बारे में पता चल जाए, तो वह इसे और विकसित कर सकता है। कला भावनाओं का ही एक रूप है। जब ये भावनाएं कला के माध्यम से प्रकट होती हैं, तो कलाकार का आंतरिक जगत जीवंत हो उठता है। चाहे यह अभिव्यक्ति लेखन के जरिए हो, चित्रकला के माध्यम से, संगीत के स्वरों के रूप में या वाद्य यंत्रों की ध्वनि के जरिए। जब किसी व्यक्ति की कला में रुचि होती है, तो उसके जीवन में खुशी बढ़ती है। वहीं, अपनी रुचि के विरुद्ध काम करने पर व्यक्ति के जीवन में केवल तनाव, दुख और कष्ट का अनुभव होता है, लेकिन अपनी रुचि के अनुसार कला में काम करने से उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और उसे जीवन के सुखद क्षणों का अनुभव होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संजाल पूर्ण कीजिए:
रिक्त स्थान पूर्ण कीजिए:
परिच्छेद से ऐसे दो शब्द ढूँढ़कर लिखिए जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता।
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
जिनमें चल-फिरने की क्षमता का अभाव हो
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
जिनमें सुनने की क्षमता का अभाव हो
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
जिनमें बोलने की क्षमता का अभाव हो -
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
स्वस्थ शरीर में किसी भी एक क्षमता का अभाव होना -
पाठ (अपराजेय) में प्रयुक्त वाक्य पढ़कर व्यक्ति में निहित भाव लिखिए:
‘मैं जानता हूँ कि, जीवन का विकास पुरुषार्थ में हैं, आत्महीनता में नहीं।’
पाठ (अपराजेय) में प्रयुक्त वाक्य पढ़कर व्यक्ति में निहित भाव लिखिए:
‘टाँग ही काटनी है ताे काट दो।’
‘परिस्थिति के सामने हार न मानकर उसे सहर्ष स्वीकार करने में ही जीवन की सार्थकता है’, स्पष्ट कीजिए।