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केशवदास 'कठिन काव्य के प्रेत हैं' इस विषय पर वाद-विवाद कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

केशवदास 'कठिन काव्य के प्रेत हैं' इस विषय पर वाद-विवाद कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

केशवदास संस्कृत के प्रकांड पंडित थे। वह यदि आचार्य थे, तो वहीं एक साहित्यकार तथा कवि भी थे। उनकी रचनाओं में इसका समन्वय सर्वत्र दिखाता है। संस्कृत के विद्वान होने के कारण उनकी रचनाओं में संस्कृत शब्दों का प्रयोग बहुत अधिक हुआ है। इससे उनका संस्कृत प्रेम अभिलक्षित होता है। उन्होंने ब्रज में अपनी रचनाएँ लिखी हैं। ब्रज में तत्सम शब्दों के प्रयोग के साथ-साथ उसकी विभक्तियों का भी उन्होंने मुक्त रूप से प्रयोग किया है। उनकी ब्रजभाषा शुद्ध तथा साहित्यिक थी। अलंकारों से उन्हें इतना प्रेम था कि उनकी रचनाओं में चमत्कार तो उत्पन्न हो जाता था परन्तु भाव दब जाता था। इन सभी गुणों के कारण उनके काव्य की शब्द रचना कठिन थी। उनके काव्य साधारण जन से दूर होने लगे और केशवदास कठिन काव्य के प्रेत कहलाए।

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केशवदास
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पाठ 1.1: केशवदास (रामचंद्रिका) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६३]

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एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 1.1 केशवदास (रामचंद्रिका)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ६३
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