मराठी

कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए। रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक। -

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प्रश्न

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।
दीर्घउत्तर

उत्तर

लालच का परिणाम

बहुत पुरानी बात है किसी गाँव में रामु नाम का ग्वाला रहता था। वह बहोत स्वार्थी और लालची था।उसके पास बहोत सारे गाय थी। वह गाँव में सबके घर में दूध भेजता था और लोगों से ज्यादा पैसा लेता था। उसी गाँव में एक माधव रहता था। उसकी एक गाय थी वो भी उसको दूध देती थी। वह वो दूध दूसरे गाँव में बेचने जाता। ग्वाला पहले से माधव से ईर्षा करता था। ग्वालेने सोचा की, "यह दिन में कितना कमा लेता होगा ?" उसकी गाय भी हर रोज दूध देते रहती है, क्या फिर वो मेरे से भी ज्यादा पैसे लेता होगा क्या? यह सोच कर उसके मन में और लालच उत्त्पन हुआ। उसने एक बात मन में सोच कर वह सो गया।

दूसरे दिन ग्वाला सुबह चार बजे उठा और वो उस माधव के घर चला गया। ग्वाला वहा पोहोचके वो सीधा उस गाय के पास जाके उसको छुड़ाके वो अपने साथ लेके गया। ग्वाला अपने घर पोहोच गया और उसने किसी को पता न चले इसलिए उसने गाय को काले रंग से रंग दिया। और उसने अपने गायों के साथ बाँध कर काम करने निकला पड़ा। वहाँ माधव सुबह दूध निकलने के लिए गाय के पास आया। पर गाय वहाँ थी ही नहीं। उसने आस पड़ोस वालों को पूछा की आने मेरी गाय देखी तो उन्होंने नहीं बोला। बिचारा माधव पुरे गाँव में भटक रहा था पर उसे उसकी गाय नहीं मिली। उसे बोहोत दुख हुआ और वो वही बैठकर रोने लगा। उसका रोना सुनकर सारे गाँववाले इक्क्ठा हो गए और उन्होंने पुलिस थाने में जाके शिकायत दर्ज करने की सलाह दी। दुरसे रामु सब देख रहा था।

माधव शिकायत दर्ज करने पुलिस के पास गया और सब हक्कीकत बताई। फिर वो घर लोट के आ गया। दूसरे दिन पुलिस थाने में एक सन्देश आया की उसे रामु ग्वाले के यहाँ बुलाया है। माधव तुरंत रामु के पास चला आया। पुलिस ने उसकी भी सारी जानकारी ली। बाद में पुलिस मुझे लेकर रामु की गायों के पास लेके गए। सारे गाये एक जैसी ही नजर आ रही थी। माधव ने अपने गाय का नाम लक्ष्मी रखा था। उसने एक तरकीब की वह उस तबेले से दूर जाकर उसकी गाय को आवाज दी, "वो लक्ष्मी !"। लक्ष्मी ने उसके मालिक सुनके ही जोर जोर से आवाज देने लगी। यह सब देखकर पुलिस और रामु हक्के बक्के हो गए। फलतः पुलिस रामु को पकड़कर हवालात ले गयी। दोष साबित होने पर उसे जेल भेज दिया गया। रामु अपने किए का बहोत पछतावा हो रहा था। तब रामु ने सुधरने की कसम खायी, वह अब एक परोपकारी से रहने लगा। 

सीख - लालच बुरी बला है।

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कहानी लेखन
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