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कहानी में पात्रों के चरित्र-चित्रण का क्या स्थान होता है? - Hindi (Elective)

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प्रश्न

कहानी में पात्रों के चरित्र-चित्रण का क्या स्थान होता है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

कहानी में पात्रों के चरित्र-चित्रण का महत्वपूर्ण स्थान होता है। पात्रों का चरित्र-चित्रण करके ही कहानीकार कहानी को आगे बढ़ाता है। हर पात्र का अपना स्वभाव होता है। पात्रों का चरित्र-चित्रण पात्रों की अभिरुचियों के माध्यम से भी होता है। समाज में अलग-अलग प्रकार के लोगों की अपने स्वभाव के अनुसार अलग-अलग अभिरुचियाँ होती हैं, इन्हें ध्यान में रखकर ही कहानीकार पात्रों का चरित्र-चित्रण करता है।

चरित्र-चित्रण का सरल तरीका यह है कि लेखक पात्रों की विशेषताओं का बखान स्वयं करता है। जसै- श्री अनतं राम शर्मा बहुत परोपकारी व धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इलाके के सभी लोग उनका सम्मान करते थे।

पात्रों के काम के द्वारा भी उनका चरित्र-चित्रण स्वयं ही हो जाता है। उनके स्वभाव और स्वरूप का वर्णन किया जाता है। दूसरे पात्र के माध्यम से भी कई बार कहानीकार किसी अन्य पात्र का चरित्र-चित्रण करवाता है।

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