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प्रश्न
किन-किन परिस्थितियों में एक साझेदार फर्म से सेवानितृत्त हो सकता है।
उत्तर
- अन्य सभी भागीदारों की सहमति से: एक साझेदार को अपनी सेवानिवृत्ति से पहले फर्म के सभी सह-साझेदारों की सहमति लेनी होगी। तत्पश्चात, साझेदार फर्म से सेवानिवृत्त हो सकता है यदि और केवल तभी जब सभी साझेदार उसकी सेवानिवृत्ति के निर्णय पर सहमत हों।
- सभी भागीदारों द्वारा एक स्पष्ट समझौते के साथ: साझेदारों के बीच लिखित समझौते के मामले में एक भागीदार फर्म के अन्य साझेदारों को नोटिस के माध्यम से फर्म छोड़ने का अपना इरादा व्यक्त करके फर्म से सेवानिवृत्त हो सकता है।
- लिखित नोटिस देकर: यदि साझेदारों के बीच साझेदारी इच्छा पर है तो एक साझेदार अन्य सभी साझेदारों को उनके सेवानिवृत्त होने के इरादे के बारे में सूचित करते हुए लिखित रूप में नोटिस देकर सेवानिवृत्त हो सकता है।
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एक साझेदार की सेवानिवृत्ति के समय किए जाने वाले विभिन्न समायोजनों का वर्णन कीजिए।
किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति/मृत्यु के समय फर्म को अपनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन और दायित्वों के दोबारा निर्धारण की आवश्यकता क्यों होती है?
आप मृत साझेदार के देय राशि की गणना किस प्रकार करेंगे।
अपर्णा, मनीषा और सोनिया लाभ का विभाजन 3 : 2 : 1 में करते हुए साझेदार हैं। मनीषा सेवानिवृत्त करती है तथा फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 1,80,000 रुपये किया गया। अपर्णा तथा सोनिया भविष्य के लाभों का बँटवारा 3: 2 के अनुपात में करने का निर्णय लेती हैं। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
नरेश, राजकुमार तथा विश्वजीत बराबर के साझेदार हैं। राजकुमार सेवानिवृत्त होने का निर्णय लेता है। सेवानिवृत्ति की तिधि को फर्म का तुलन पत्र इस प्र इस प्रकार दर्शाया जाता हैः
सामान्य संचय 36,000 रूपये तथा लाभ एवं हानि खाता (नाम) 15,000 रुपये। उपर्युक्त का प्रभाव दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।
पंकज, नरेश तथा सौरभ साझेदार हैं उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 है। नरेश ने बीमारी के कारण फर्म से सेवानिवृत्ति ली। इस तिथि को फर्म का तुलन पत्र निम्न है:
पंकब, नरेश और सौरम की पुस्तके |
|||||
दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
||
सामान्य संचय | 12,000 | बैक | 7,600 | ||
विविध लेनदार | 15,000 | देनदार | 6,000 |
5,600 |
|
देय विपत्र | 12,000 |
घटाया: संदिग्ध ऋणो |
(400) | ||
बकाया वेतन |
2,200 | स्टॉक | 9,000 | ||
कानूनी हानि के लिए प्रावधान |
|
6,000 | फ़र्नीचर | 41,000 | |
पूँजी: | परिसर | 80,000 | |||
पंकज | 46,000 | 96,000 | |||
नरेश |
30,000 | ||||
सौरभ |
20,000 |
||||
|
1,43,200 | 1,43,200 |
अतिरिक्त सूचनाएँ -
- परिसर का मूल्य 20% अधिक हुआ, स्टॉक 10 % से कम हुआ तथा देनदारों पर संदिग्ध ऋण के लिए 5 % का प्रावधान करें। कानून से हानि के लिए 1,200 रुपये का प्रावधान बनाएँ तथा फर्नीचर का मूल्य 45,000 रुपये अधिक हुआ।
- फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 42,000 रूपये किया गया।
- नरेश के पूँजी खाते से 26,000 रूपये का ऋण में हस्तांतरण किया गया तथा शेष का भुगतान बैंक से किया गया। यदि आवश्यक हुआ तो बैंक से ऋण लिया जाएगा।
- पंकज तथा सौरभ ने यह निर्णय लिया कि लाभ व हानि के विभाजन का नया अनुपात 5 : 1 होगा। नरेश के सेवानिवृत्त होने के बाद आवश्यक बही खाता तथा तुलन पत्र तैयार करें।
31 मार्च, 2020 को प्रतीक, रॉकी तथा कुशल का तुलन पत्र निम्न प्रकार है:
प्रतिक, रॉकी और कुशल की पुस्तकें 31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र |
||||
दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
|
विविध लेनदार | 16,000 | प्राप्त विपत्र | 16,000 | |
सामान्य संचय | 16,000 | फ़र्नीचर | 22,600 | |
पूँजी खाते: | स्टॉक | 20,400 | ||
प्रतिक | 30,000 | 70,000 | विविध देनदार | 22,000 |
रॉकी | 20,000 | बैंकस्थ रोकड़ | 18,000 | |
कुशल | 20,000 | हस्तस्थ रोकड़ | 3,000 | |
1,02,000 | 1,02,000 |
30 जून, 2020 को रॉकी की मृत्यु हो गई। साझेदारी संलेख की शर्तों के अनुसार, मृत साझेदार का उत्तराधिकारी निम्न का अधिकारी होगा:
(अ) साझेदार के पूँजी खाते के नाम शेष का।
(ब) पूँजी पर 5 % प्रतिवर्ष ब्याज का।
(स) गत तीन वर्षों के औसत लाभ के दोगुने के आधार पर ख्यांति में भाग।
(द) गत वर्ष के लाभ के आधार पर गत वित्तीय वर्ष की समाप्ति से मृत्यु की तिथि तक लाभ में भाग। 31 मार्च, 2018, 31 मार्च, 2019 तथा 31 मार्च, 2020 को समाप्त वर्ष के लाभ क्रमश: 12,000 रुपये, 16,000 रूपये, तथा 14,000 रूपये है। लाभ का विभाजन पूँजी अनुपात में किया जाएगा।
आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टियाँ दे तथा रॉकी का पूँजी खाता बनाए जो कि उसके उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।