Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति के समय या उसकी मृत्यु की दशा में ख्याति के व्यवहार का वर्णन कीजिए।
उत्तर
सेवानिवृत्त/मृत साझेदार, ख्याति के भाग को जो कि विद्यमान साझेदारों के सामूहिक प्रयत्नों का फल होता है, पाने का अधिकारी है। इसलिए किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति/मृत्यु के समय, साझेदारों के मध्य ख्याति का मूल्यांकन समझौते की शर्तों के अनुसार किया जाएगा।
सेवानिवृत्त/मृतक को उसके हिस्से की क्षतिपूर्ति विद्यमान साझेदारों के द्वारा (जिसको सेवानिवृत्त/मृत साझेदार के हिस्से को अधिग्रहित करने के कारण अभिलाभ हुआ हो) उसके अभिलाभ अनुपात में करेंगे।
साझेदार की मृत्यु/सेवानिवृत्ति पर यदि पुस्तकों में ख्याति खाता खुला हुआ है तो उसे निम्नलिखित प्रविष्टि द्वारा बंद किया जायेगा -
सभी साझेदारों की पूँजी खाता ...नाम |
ख्याति खाता |
मृत्यु/सेवानिवृत्त होने वाले साझेदार को ख्याति में देय राशि हेतु निम्नलिखित प्रविष्टि की जायेगी -
शेष साझेदारों की पूँजी खाता ...नाम |
सेवानिवृत्त साझेदारों की पूँजी खाता |
प्रछन्न ख्याति/छुपी हुई ख्याति -
यदि फर्म सेवानिवृत्त/मृत साझेदार को भुगतान के रूप में एकमुश्त राशि देने का निर्णय लेती है तो उसको देय राशि से अधिक भुगतान को उसके पूँजी खातों में, संचित लाभ व हानि और परिसंपत्तियों तथा दायित्त्वों के पुनर्मूल्यांकन संबंधी सभी आवश्यक समायोजन करने के पश्चात, उसके भाग को ख्याति के रूप में माना जाएगा।