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प्रश्न
किस्मत हमको रो लेवे है हम किस्मत को रो ले हैं- इस पंक्ति में शायर की किस्मत के साथ तना-तनी का रिश्ता अभिव्यक्त हुआ है। चर्चा कीजिए।
टीपा लिहा
उत्तर
इस पंक्ति से पता चलता है कि शायर को उसकी किस्मत ने कभी कुछ नहीं दिया है। उसने जो पाया है, अपने परिश्रम से पाया है। भाग्य के हाथों तो वह हमेशा खाली हाथ लौटा है। प्रायः मनुष्य कुछ अपने परिश्रम के हाथों और कुछ भाग्य के हाथों पाता है। शायर के साथ ऐसा नहीं हुआ है। किस्मत की तरफ से उसने हमेशा मार खाई है। अतः वह कहता है कि किस्मत हमको रो लेवे है हम किस्मत को रो ले हैं।
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गज़ल
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?