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प्रश्न
कमरे के ताप पर रखी सोडा जल की बोतल खोलने पर सी-सी की आवाज (फिज़) क्यों आती है?
उत्तर
शीतल पेय में CO2 की घुलनशीलता बढ़ाने के लिए, सोडा पानी की बोतलों को उच्च दबाव में सील कर दिया जाता है। जब सामान्य वातावरण में बोतल को कमरे के तापमान पर खोला जाता है, तो बोतल के अंदर का दबाव वायुमंडलीय दबाव तक कम हो जाता है और अतिरिक्त CO2 बाहर निकल जाती है।
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राउल्ट के नियम से धनात्मक एवं ऋणात्मक विचलन का क्या अर्थ है तथा `Delta_"मिश्रण""H"` के चिह्न का इन विचलनों से कैसे संबंधित है?
निम्नलिखित युग्म में उपस्थित सबसे महत्त्वपूर्ण अंतरआण्विक आकर्षण बल का सुझाव दीजिए।
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ऐसीटोनाइट्राइल (CH3CN) तथा ऐसीटोन (C3H6O)
328 K पर शुद्ध ऐसीटोन एवं क्लोरोफॉर्म के वाष्प दाब क्रमशः 741.8 mm Hg तथा 632.8 mm Hg हैं। यह मानते हुए कि संघटन के सम्पूर्ण परास में ये आदर्श विलयन बनाते हैं, `"P"_"कल"`, `"P"_"क्लोरोफॉर्म"` तथा `"P"_"ऐसीटोन"` को `"x"_"ऐसीटोन"` के फलन के रूप में आलेखित कीजिए। मिश्रण के विभिन्न संघटनों के प्रेक्षित प्रायोगिक आंकड़े निम्नलिखित हैं।
`bb(100 xx ("x"_"ऐसीटोन"))` | 0 | 11.8 | 23.4 | 36.0 | 50.8 | 58.2 | 64.5 | 72.1 |
`bb("P"_"ऐसीटोन" // "mm Hg")` | 0 | 54.9 | 110.1 | 202.4 | 322.7 | 405.9 | 454.1 | 521.1 |
`bb("P"_"क्लोरोफॉर्म" // "mm Hg")` | 632.8 | 548.1 | 469.4 | 359.7 | 257.7 | 193.6 | 161.2 | 120.7 |
उपर्युक्त आंकड़ों को भी उसी ग्राफ में आलेखित कीजिए और इंगित कीजिए कि क्या इसमें आदर्श विलयन से धनात्मक अथवा ऋणात्मक विचलन है?
बेन्जीन के दो अणुओं के मध्य अंतराआणिकक बल लगभग उतने ही प्रबल हैं जितने दो टॉलूईन अणुओं के मध्य। बेन्ज्ञीन और टॉलूईन के मिश्रण के लिए निम्नलिखित में से क्या सही नहीं है?
- `Delta_"मिश्रण"`H = शून्य
- `Delta_"मिश्रण"`V = शून्य
- यह न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाएँगे।
- यह आदर्श विलयन नहीं बनाएँगे।
सांद्रता पद जैसे कि द्रव्यमान प्रतिशत, पीपीएम, मोल-अंश और मोललता, ताप पर निर्भर नहीं करते जबकि मोलरता ताप का फलन होती है। समझाइए।
अभिकथन - द्रव अवस्था वाले विलयन की मोलरता ताप में परिवर्तन से परिवर्तित हो जाती है।
तर्क - ताप में परिवर्तन से विलयन का आयतन परिवर्तित होता है।