Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु ______ द्वारा बंधे रहते हैं।
पर्याय
लंडन बल
द्विध्रुव-द्विधुव अन्योन्य क्रिया
सहसंयोजक आबध
कूलॉम बल
उत्तर
क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु लंडन बल द्वारा बंधे रहते हैं।
स्पष्टीकरण -
- आयोडीन के अणुओं को क्रिस्टल में जालक में कमजोर परिक्षेपण बल या लण्डन बल द्वारा आयोजित किया जाता है।
- आयोडीन अणु गैर-ध्रुवीय आणविक ठोस के अंतर्गत आते हैं, जिनमें गैर-ध्रुवीय सहसंयोजक बंधों द्वारा निर्मित अणु शामिल होते हैं।
- ये ठोस पदार्थ बिजली के नरम और गैर-चालक होते हैं।
- उनके पास कम पिघलने के बिंदु होते हैं और आमतौर पर कमरे के तापमान और दबाव में तरल या गैसीय अवस्था में होते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आयनिक ठोस गलित अवस्था में विद्युत चालक होते हैं, परन्तु ठोस अवस्था में नहीं। व्याख्या कीजिए।
उपसहसंयोजन संख्या का क्या अर्थ है?
समझाइए - धात्विक एवं आयनिक क्रिस्टलों में समानता एवं विभेद का आधार।
एक घनीय ठोस दो तत्वों P एवं Q से बना है। घन के कोनों पर Q परमाणु एवं अन्तःकेन्द्र पर P परमाणु स्थित हैं। इस यौगिक का सूत्र क्या है? P एवं Q की उपसहसंयोजन संख्या क्या है?
नायोबियम का क्रिस्टलीकरण अन्तःकेन्द्रित घनीय संरचना में होता है। यदि इसका घनत्व 8.55 g cm-3 हो तो इसके परमाण्विक द्रव्यमान 93u का प्रयोग करके परमाणु त्रिज्या की गणना कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक ठोसों का अभिलक्षण नहीं है?
ग्रैफ़ाइट ______ की उपस्थिति के कारण विद्युत् का सुचालक है।
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
द्रवों तथा गैसों को तरल के रूप में वर्गीकृत क्यों किया गया है?
अभिकथन - ग्रैफ़ाइट विद्युत् का चालक होता है जबकि हीरा कुचालक होता है।
तर्क - ग्रैफ़ाइट मुलायम होता है जबकि हीरा बहुत कठोर एवं भंगुर होता है।