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'कुट', 'कुटज' और 'कुटनी' शब्दों का विश्लेषण कर उनमें आपसी संबंध स्थापित कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

'कुट', 'कुटज' और 'कुटनी' शब्दों का विश्लेषण कर उनमें आपसी संबंध स्थापित कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

हजारी प्रसाद जी ने कुटज पाठ में इस विषय पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार 'कुट' शब्द के दो अर्थ होते हैं: 'घर' या 'घड़ा'। इस आधार पर 'कुटज' शब्द का अर्थ उन्होंने बताया हैः घड़े से उत्पन्न होने वाला। यह नाम अगस्त्य मुनि का ही दूसरा नाम है। कहा जाता है कि उनकी उत्पत्ति घड़े से हुई थी। अब दोबारा 'कुट' शब्द की ओर बढ़ते हैं। यदि इस विषय पर गौर किया जाए, तो 'कुट' शब्द का अर्थ घर है, तो घर में कार्य करने वाली बुरी दासी को कुटनी नाम दिया गया है। अतः कहीं-न-कहीं यह शब्द आपस में जुड़े हुए है और इनके आपस में संबंध स्थापित हैं।
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कुटज
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पाठ 2.1: हजारी प्रसाद द्विवेदी (कुटज) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १६८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 2.1 हजारी प्रसाद द्विवेदी (कुटज)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १६८

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