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कविता में रेलगाड़ी कहाँ-कहाँ से होकर गई है? सूचि बनाओ। - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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प्रश्न

कविता में रेलगाड़ी कहाँ-कहाँ से होकर गई है? सूचि बनाओ।

रेलगाड़ी

आओ बच्चों खेल दिखाएँ,

छुक-छुक करती रेल चलाएँ।

सीटी देकर सीट पर बैठो,

एक-दूजे की पीठ पर बैठो।

आगे-पीछे, पीछे-आगे,

लाइन से लेकिन कोई न भागे।

सारे सीधी लाइन में चलना,

दोनों आँखों मीचे रखना।

बंद आँखों से देखा जाए,

आँख खुले तो कुछ न पाए।

तड़क-भड़क, लोहे की सड़क,

यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ।

छुक-छुक, छुक-छुक,

लाइट्स आती, पर कर जाती।

बालू रेत, आलू का खेत,

बाजरा धान, बुड्ढा किसान।

हरा मैदान, मंदिर मकान,

चाय की दुकान.....

पुल पगडंडी, टीले पे झंडी,

पानी का कुंड, पंछी का झुंडा।

झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी,

बादल धुआँ, मोठ कुआँ।

कुएँ के पीछे, बैग बगीचे,

धोबी का घाट, मंगल की हाट।

गाँव में मेला, भीड़ झमेला,

टूटी दीवार, टट्टु सवार...

टीपा लिहा

उत्तर

  • बालू रेत
  • हरा मैदान
  • मंदिर
  • मकान
  • चाय की दुकान
  • पुल पगडंडी
  • धोबी घाट
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यहाँ से वहाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: यहाँ से वहाँ - यहाँ से वहाँ [पृष्ठ ६९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 3
पाठ 11 यहाँ से वहाँ
यहाँ से वहाँ | Q 5. | पृष्ठ ६९

संबंधित प्रश्‍न

क्या तुम रेलगाड़ी में बैठे हो? कब-कब?


रेलगाड़ी

आओ बच्चों खेल दिखाएँ,

छुक-छुक करती रेल चलाएँ।

सीटी देकर सीट पर बैठो,

एक-दूजे की पीठ पर बैठो।

आगे-पीछे, पीछे-आगे,

लाइन से लेकिन कोई न भागे।

सारे सीधी लाइन में चलना,

दोनों आँखों मीचे रखना।

बंद आँखों से देखा जाए,

आँख खुले तो कुछ न पाए।

तड़क-भड़क, लोहे की सड़क,

यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ।

छुक-छुक, छुक-छुक,

लाइट्स आती, पर कर जाती।

बालू रेत, आलू का खेत,

बाजरा धान, बुड्ढा किसान।

हरा मैदान, मंदिर मकान,

चाय की दुकान.....

पुल पगडंडी, टीले पे झंडी,

पानी का कुंड, पंछी का झुंडा।

झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी,

बादल धुआँ, मोठ कुआँ।

कुएँ के पीछे, बैग बगीचे,

धोबी का घाट, मंगल की हाट।

गाँव में मेला, भीड़ झमेला,

टूटी दीवार, टट्टु सवार...

तो कैसी लगी यह कविता!


क्या रेलगाड़ी कहि भी चल सकती है? क्यों?


इस कविता में 'लोहे की सड़क' किसके कहा गया है?

रेलगाड़ी

आओ बच्चों खेल दिखाएँ,

छुक-छुक करती रेल चलाएँ।

सीटी देकर सीट पर बैठो,

एक-दूजे की पीठ पर बैठो।

आगे-पीछे, पीछे-आगे,

लाइन से लेकिन कोई न भागे।

सारे सीधी लाइन में चलना,

दोनों आँखों मीचे रखना।

बंद आँखों से देखा जाए,

आँख खुले तो कुछ न पाए।

तड़क-भड़क, लोहे की सड़क,

यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ।

छुक-छुक, छुक-छुक,

लाइट्स आती, पर कर जाती।

बालू रेत, आलू का खेत,

बाजरा धान, बुड्ढा किसान।

हरा मैदान, मंदिर मकान,

चाय की दुकान.....

पुल पगडंडी, टीले पे झंडी,

पानी का कुंड, पंछी का झुंडा।

झोपड़ी-झाड़ी, खेती-बड़ी,

बादल धुआँ, मोठ कुआँ।

कुएँ के पीछे, बैग बगीचे,

धोबी का घाट, मंगल की हाट।

गाँव में मेला, भीड़ झमेला,

टूटी दीवार, टट्टु सवार...


बच्चों ने किन-किन वाहनों के नाम लिए?


कुछ वाहनों के चित्र बने हैं। चित्र के सामने उनके नाम तथा वे किस काम आते हैं लिखो। खाली जगह में अन्य वाहनों के चित्र बनो। उनके नाम और काम भी लिखो। क्या ये सभी वाहन केवल हमारे आने-जाने के काम आते हैं?

वाहन  काम
 
 
 
 
 
 
   
   

बड़ो से पूछ कर पता लगाओ - आज से पचास साल पहले लोग कैसे आते-जाते थे? क्या तब भी यही सब साधन थे?


क्या तुम अनुमान लगा सकते हो कि बिस साल बाद लोग आने-जाने के लिए किस- किस तरह के वाहन का प्रयोग करेंगे? अपने घर के लोगों और दोस्तों से पूछ कर दी गई तालिका भरो।

किससे पूछा क्या कहा
स्वयं से (मैं)  
दोस्त  
चाचा  
शिक्षिका  
   

  1. चित्र में तम्हें क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
  2. तुम्हें कौनकौन से वाहन दिखाई दे रहे हैं?
  3. एम्बुलेंस, पुलिस वेन, दमकल ट्र्क ये वाहन क्या-क्या काम कर रहे हैं?


ऊपर के खानों को देखकर नीचे उन्हें क्रम से बनाओ और रंग भरो। देखो क्या बनता है ! उसका नाम भी लिखो।


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