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प्रश्न
क्या लड़के और लड़कियाँ अलग-अलग कामों में लगे हैं? क्या आप विचार करके इसका कारण बता सकते हैं? यदि आप लड़के और लड़कियों का स्थान परस्पर बदल देंगे, अर्थात् लड़कियों के स्थान पर लड़कों और लड़कों के स्थान पर लड़कियों को रखेंगे, तो क्या होगा?
उत्तर
भारत में अधिकांश लड़के और लड़कियाँ अलग-अलग कामों में लगे हैं। इसके कई कारण हैं।
- भारतीय संस्कृति में लड़कियों कोघरेलू कामों का जिम्मा दिया गया है, जबकि लड़कों को बाहर के कामों की जिम्मेदारी दी गई है।
- भारत में व्यवसाय, यातायात के साधनों में जैसे ड्राइवर व अन्य कर्मचारी, सेना, पुलिस जैसे अनेक कामों में लड़कों की बहुलता है जबकि शिक्षा के क्षेत्र, नर्स और कुछ कार्यालयों में लड़कियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
- भारतीय संस्कृति में कुछ कामों को लड़कियों के लिए उचित नहीं माना जाता है इसलिए उन कामों को लड़के ही करते हैं। यदि हम लड़कियों के स्थान पर लड़कों और लड़कों के स्थान पर लड़कियों को सखेगें, तो कई तरह की दिक्क्त होगी, क्योंकि कई काम लड़कियों द्वारा ही सही तरीके से किया जाता है, तो के कामों को लड़के सही तरीके से करते हैं इसलिए लड़के-लड़कियाँ अपने अनुकूल व्यवसाय को चुनते हैं। ऐसी स्थिति में अगर हम परिवर्तन करते हैं तो कई तरह की समस्या उतपन्न हो सकती है।
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