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प्रश्न
क्या तुम भी कभी उँट-गाड़ी या ताँगे पर बैठे हो? कहाँ? खुद चढ़े थे या किसी ने बिठाया था?
उत्तर
हाँ, मैं अपनी दादी के गाँव में ताँगे पर बैठा हूँ। मेरे पिता ने उस पर चढ़ने में मेरी मदद की थी।
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- गिरे तो नहीं?
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क्या तुम्हारे इलाके में भी इस तरह की गाड़ी होती है?
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